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Thu. Sep 3rd, 2026

सफेद नंबर प्लेट वाली टू-व्हीलर से चला सकेंगे Bike Taxi, नितिन गडकरी ने किया ऐलान; राज्य सरकारों से की परमिट देने की अपील

  • केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि निजी टू-व्हीलर मालिकों को Bike Taxi चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए

देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि निजी दोपहिया वाहन मालिकों को बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने राज्य सरकारों से अपने-अपने राज्यों में ऐसी सेवाओं को मंजूरी देने की अपील की है।

नितिन गडकरी ने कहा कि निजी दोपहिया वाहन मालिकों को यात्रियों को बाइक टैक्सी के जरिए ले जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन कुछ राज्य अभी ऐसी सेवाओं को अनुमति नहीं दे रहे हैं। उन्होंने राज्यों से इस दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। गडकरी के मुताबिक, परिवहन राज्य का विषय है, इसलिए बाइक टैक्सी को लागू करने का फैसला राज्यों को करना होगा। उन्होंने कहा कि इससे खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए कमाई का नया जरिया तैयार हो सकता है।

8 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार

गडकरी ने दावा किया कि बाइक टैक्सी सेवाओं को बढ़ावा मिलने से करीब 8 करोड़ लोगों के लिए आजीविका के अवसर पैदा हो सकते हैं। खासकर उन सेक्टर्स में इसका फायदा मिल सकता है जहां रोजगार के ऑप्शन कम हैं। हालांकि, बाइक टैक्सी के लिए किस तरह के परमिट, बीमा और अन्य नियम लागू होंगे, यह संबंधित राज्य के नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए सिर्फ मंत्री के बयान के आधार पर हर राज्य में निजी बाइक से तुरंत बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति मान लेना सही नहीं होगा।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी कसेगा शिकंजा

गडकरी ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि सरकार मोटर व्हीकल्स एक्ट में बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के लिए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लाया जा सकता है। इस व्यवस्था में हर उल्लंघन पर नेगेटिव अंक दिए जाएंगे। एक तय सीमा तक अंक जमा होने पर ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है।

ड्राइवरों की सेहत पर भी जोर

गडकरी ने “सुरक्षा” नाम से एक पायलट कार्यक्रम भी लॉन्च किया। इसके तहत ड्राइवरों, निर्माण श्रमिकों और हाईवे व माइनिंग प्रोजेक्ट से जुड़े जोखिम वाले कर्मचारियों को मुफ्त मेडिकल जांच और काउंसलिंग दी जाएगी। शुरुआत में यह कार्यक्रम महाराष्ट्र के नागपुर-कामठी NH-44 सेक्शन और चंद्रपुर के माइनिंग क्षेत्र में करीब 150 किलोमीटर के दायरे में लागू होगा और 10,000 लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। गडकरी ने कहा कि ड्राइवरों की सेहत, खासकर आंखों की जांच, सड़क सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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