जयपुर : जयपुर के आमेर महल में चाकूबाजी में घायल हुए टूरिस्ट गाइड की मंगलवार सुबह मौत हो गई। गाइड की मौत का पता चलते ही लोगों ने आमेर बाजार बंद कर दिया।
एसीपी (आमेर) ट्रेनिंग आईपीएस प्रतीक सिंह ने बताया- चाकूबाजी में घायल मनीष कुमार सोनी (40) निवासी आमेर की मौत हो गई। वह टूरिस्ट गाइड था। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे वह आमेर मावठे पर आया था। इस दौरान प्राइवेट कार से आए टूरिस्ट ने आमेर महल जाने का रास्ता पूछा था। वहां जीप लेकर खड़े ड्राइवर आजम ने उन्हें महल तक कार नहीं जाने की कहकर जीप से चलने को कहा।
गाइड मनीष के रास्ता समझाने पर टूरिस्ट अपनी कार से महल की ओर रवाना हो गए। इसी बात को लेकर ड्राइवर आजम और गाइड मनीष की कहासुनी हो गई। देखते ही देखते गुस्साए जीप ड्राइवर आजम ने चाकू निकाल मनीष के पेट में घोंप दिया।
मनीष को SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। पुलिस ने मौके से ही आरोपी जीप ड्राइवर आजम को पकड़ लिया था। SMS हॉस्पिटल के आईसीयू में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह करीब 7 बजे मनीष की मौत हो गई।

मनीष की आज सुबह एसएमएस हॉस्पिटल में मौत हो गई।
आमेर बाजार किया बंद
चाकूबाजी की घटना को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया था। रास्ता रोककर करीब डेढ़ घंटे तक विरोध जताया गया था। मंगलवार सुबह घायल गाइड की मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
विरोध जताने के लिए खुद की इच्छा से लोगों ने आमेर बाजार बंद कर दिया। बड़ी संख्या में लोग विरोध कर सड़क पर उतर आए। आमेर थाना पुलिस सूचना पर मौके पर पहुंची। आस-पास से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को बुलाया गया। पुलिस ने समझाइश कर लोगों को शांत करवाया।

गाइड की मौत का पता चलने पर व्यापारियों ने विरोध के चलते आमेर के बाजार बंद कर दिए।

आमेर में पुलिस तैनात की गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों से समझाइश की।
टैंट लगाकर धरने पर बैठे लोग
गाइड मनीष की मौत के बाद बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य के साथ लोग धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की। मृतक आश्रितों को एक करोड़ रुपए मुआवजा, सरकारी नौकरी की मांग की गई है। इसके साथ ही आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।

धरने में गाइड के परिवार की महिलाएं भी शामिल हुईं।

धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी कि मावठे के आगे बेरिकेट लगाकर हमारे किसी भाई को धरने में आने से नहीं रोका जाए, अगर ऐसा हुआ तो ठीक नहीं होगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोई गलतफमी में हो कि 2 घंटे बैठकर चले जाएंगे, तो वह दिमाग से निकाल दें। हम जाने वाले नहीं है। हमने हमारी मांगों से स्पष्ट रूप से अवगत करवा दिया है। हम किसी आश्वसान में भी नहीं आने वाले हैं। जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी, हम जाने वाले नहीं है।

