वडोदरा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में जेन-जी से 25 मिनट संवाद किया। इस कार्यक्रम के लिए 6 हजार युवाओं को बुलाया गया था। मोदी ने युवाओं से झूठे दावों और भ्रामक बातों से बचने की अपील की।
पीएम ने कहा, ‘लोग आपको झूठ की गूंज से गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप सच्चाई के साथ खड़े रहना।” मोदी का यह बयान राहुल गांधी और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर तंज माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए खास तौर पर Y आकार का रैंप बनाया गया था। भाषण से पहले PM रैंप पर चलकर युवाओं के बीच पहुंचे।
मंच पर पहुंचते ही क्वीन का मशहूर गाना ‘वी विल रॉक यू’ बजाया गया। इसके बाद ‘धुरंधर’ का गाना ‘आरी आरी’ भी बजा। एक स्टूडेंट ने उन्हें तस्वीर भी गिफ्ट की।

प्रधानमंत्री मोदी धुरंधर के गाने के बीच रैंप पर चलकर युवाओं के बीच पहुंचे।

PM ने युवाओं का अभिनंनद किया, इस दौरान युवाओं ने PM की फोन पर वीडियो ली।

पीएम मोदी को भगवान गणपति की मूर्ति देकर स्वागत किया गया।
मोदी ने कहा- 2004 में विचार, 2014 तक फाइलें चलती रहीं
फ्रेट कॉरिडोर पर ‘नाराज फूफाजी’ वाला तंज: JNPT मुंबई से डबल कंटेनर मालगाड़ी चलने से एक बार में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर माल मुंबई से वडोदरा पहुंचा। अब “नाराज फूफाजी” पूछेंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, लेकिन देश के एक कोने से दूसरे कोने तक माल पहुंचाने के लिए ऐसी कनेक्टिविटी जरूरी है।
2,000 किमी फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ और 2006 में विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक सिर्फ फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाती रहीं। 2014 के बाद हमारी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को गति दी और करीब 2,000 किमी फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा किया।
पैसेंजर और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक: पहले पैसेंजर और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर चलती थीं, जिससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी। अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं। ट्रक से सामान भेजने में करीब 30 घंटे लगते हैं, जबकि फ्रेट कॉरिडोर से करीब 10 घंटे में पहुंच सकता है।
AI का सुपरपावर के लिए इकोसिस्टम जरूरी: अगर भारत को AI का सुपरपावर बनना है तो इसके लिए पूरा इकोसिस्टम तैयार करना होगा। इसके लिए यूरेनियम और रेयर अर्थ मटेरियल की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और अपग्रेडेशन पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल पर फोकस किया जा रहा है।

