- उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा गाजियाबाद में एक स्कूल में पहुंचे और बच्चों को पढ़ाया
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा का एक अलग अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल वह एक स्कूल में स्कूटर से पहुंचे और फिर आठवीं क्लास के बच्चों को पढ़ाया। सियासी गलियारों में उनके इस कदम को जेन-जी से जुड़ने की कोशिश बताया जा रहा है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय से सरकार जेन-जी को लेकर गंभीर है और इनसे जुड़ने के लिए बीजेपी नेता तमाम तरह की कोशिशें कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने अपनी सरकारी कार छोड़ी और स्कूटर से अपने साहिबाबाद निर्वाचन क्षेत्र के मोहन नगर, करहेरा स्थित एक कंपोजिट स्कूल तक पहुंचे।
यहां मंत्री ने आठवीं क्लास के बच्चों से बात की और उन्हें एक टॉपिक भी पढ़ाया। मंत्री ने बच्चों को हिमालय, पहाड़ कैसे बने और पहाड़ बनने के पीछे होने वाले वैज्ञानिक बदलावों के बारे में पढ़ाया।
मंत्री ने बच्चों को क्या सिखाया?
मंत्री ने बच्चों से ये भी कहा कि अगर बच्चे ज्यादा जानकारी पाना चाहते हैं तो उन्हें उन चीजों से भी सीखने की कोशिश करनी चाहिए, जो स्कूल के सिलेबस में नहीं है। यानी स्कूली किताबों से इतर भी जो जानकारी मिल रही है, उसे भी बच्चे ग्रहण करें। इससे उनकी जानकारी में इजाफा होगा।
इस दौरान मंत्री ने यूपी के एजुकेशन सिस्टम पर भी बात की और कहा कि बीते सालों में स्कूलों की व्यवस्था सुधरी है।
सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं मंत्री सुनील शर्मा
सोशल मीडिया लोगों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है और आज के दौर के राजनेता इस बात को बखूबी समझते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा भी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और जनता के बीच उनकी बात सुनने जब भी जाते हैं तो सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देते रहते हैं।
14 सितंबर को ही सुनील शर्मा ने राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय पर अपने एक्स हैंडल पर विचार रखे थे और कहा था कि ये पीएम मोदी के नेतृत्व और भाजपा के सुशासन पर जनता के विश्वास की मुहर है। उन्होंने भाजपा की जीत पर राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर और राजस्थान बीजेपी को बधाई दी थी। उन्होंने राजस्थान में बीजेपी की जीत के लिए जनता का भी आभार जताया था। गौरतलब है कि राजस्थान में 14 सितंबर को ही नगर निकाय चुनाव के लिए वोटों की गिनती थी।

