इस्लामाबाद : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका हुआ। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में 5 पुलिसकर्मी और 11 आम नागरिक शामिल हैं।
धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के बाहर का हिस्सा पूरी तरह टूट गया। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि पुराने पुलिस लाइंस के गेट पर विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी टकराई थी।
पाकिस्तान में जनवरी से अब तक 990 आतंकी घटनाएं हुई हैं। इनमें 1,129 लोगों की मौत हो चुकी है।

मस्जिद के पास हुए धमाके के बाद कुछ लोग मलबे में दब गए।

धमाके की जानकारी मिलते ही मस्जिद के आसपास अफरातफरी मच गई।

घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए मौके पर एम्बुलेंस पहुंची।

मस्जिद के पास हुआ धमाका इतना तेज था कि कई किलोमीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी।

प्रशासन ने कोहाट-हंगू रोड को बंद कर दिया है। घायलों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल में इमरजेंसी लगा दी गई है।
खैबर पख्तूनख्वा सीएम ने घटना की रिपोर्ट मांगी
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना बेहद गलत है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों को घायलों का तुरंत इलाज कराने के निर्देश दिए। अफरीदी ने कहा, “आतंकियों की ऐसी हरकतों से देश का हौसला नहीं टूटेगा।”
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी धमाके की निंदा की।
कोहाट में पहले भी हुआ बम धमाका
कोहाट में इससे पहले भी बड़ा हमला हो चुका है। 2010 में पुलिस लाइंस के पीछे बनी एक पुलिस कॉलोनी में रिमोट कंट्रोल बम धमाका हुआ था। इसमें 20 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्य थे। वहीं, 90 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
पाकिस्तान में इस साल 990 आतंकी हमले, 1000 से ज्यादा मौतें
पाकिस्तान में इस साल आतंकी घटनाओं में तेजी आई है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 तक पूरे पाकिस्तान में 990 मिलिटेंट हमले दर्ज किए गए। इनमें 1126 लोगों की जान चली गई।
अगस्त में सबसे ज्यादा 199 हमले हुए, जबकि जुलाई में 144 हमले दर्ज किए गए थे। यानी एक महीने में हमलों की संख्या 38% बढ़ी। इन हमलों में अगस्त में 158 लोगों की मौत हुई, जबकि जुलाई में हमलों से जुड़ी 268 मौतें दर्ज की गई थीं।

