Breaking
Sat. Sep 19th, 2026

जूते में छिपाकर ले गए थे महाराष्ट्र TET के पेपर:आगरा की प्रिंटिंग प्रेस के 3 कर्मचारियों ने 8 हजार के लिए पेपर लीक किया

आगरा : महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर यूपी में आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। ठाणे पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पेपर को जूते के सोल में छिपाकर प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला था। इसके लिए आरोपियों को ₹8 हजार दिए गए थे। साथ ही, उन्हें आगरा में जमीन (प्लॉट) देने का वादा भी किया गया था।

ठाणे पुलिस ने शुक्रवार को भिवंडी की स्थानीय कोर्ट में 3,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता, प्रिंटिंग प्रेस के 3 कर्मचारियों कर्मचारी नरेश कुमार उर्फ निक्की, बाबूलाल कुशवाहा और संजय शर्मा समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है। गुप्ता का नाम ओडिशा के एक पेपर लीक मामले में भी सामने आ चुका है।

मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अशोक साव और प्रकाश मिसाल फरार हैं। 28 जून को होने वाली TET परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो गया था। इसके बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने परीक्षा स्थगित कर दी थी।

DCP सिटी अली अब्बास ने बताया-

QuoteImage

मुंबई पुलिस जांच के सिलसिले में यहां आई थी। लेकिन, उसने क्या कार्रवाई की, इस बारे में जानकारी नहीं है।QuoteImage

एग्जाम 28 जून को होना था, लेकिन इससे 24 घंटे पहले पेपर लीक हो गया था।

एग्जाम 28 जून को होना था, लेकिन इससे 24 घंटे पहले पेपर लीक हो गया था।

आगरा की महीम पटरन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक हुए थे

  • महाराष्ट्र में डीसीपी पवन बंसोड़ को सूचना मिली थी कि 3 लोग भिवंडी के एक व्यक्ति को परीक्षा के पेपर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कोंगांव इलाके में आरोपियों को पकड़ा। उनके पास से पेपर के 4 सेट मिले। जांच में महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ एग्जामिनेशन (MSCE) के अधिकारियों ने इन्हें असली बताया।
  • चार्जशीट के मुताबिक, पेपर आगरा की महीम पटरन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुए थे। इसी प्रेस में TET परीक्षा के गोपनीय पेपर छापे जा रहे थे। 15 से 17 जून के बीच प्रेस के 3 कर्मचारियों ने पेपर के पन्नों को मोड़कर जूतों के सोल में छिपा लिया। प्रेस में सिक्योरिटी गार्ड कपड़ों की तलाशी लेते थे, लेकिन जूतों की जांच नहीं करते थे।
  • आरोपियों ने इसी का फायदा उठाकर पेपर बाहर निकाले। परीक्षा में नकल रोकने के लिए TET के 2 पेपरों के 4 अलग-अलग सेट तैयार किए गए थे। इनमें से एक सेट परीक्षा के दिन इस्तेमाल होना था। आरोपियों ने चारों सेट प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाल लिए थे।

आरोपियों ने ऐसे प्रेस से बाहर पहुंचाए पेपर

जांच के मुताबिक, प्रेस कर्मचारी नरेश कुमार उर्फ निक्की, बाबूलाल कुशवाहा और संजय शर्मा ने प्रश्नपत्र बाहर निकालने की प्लानिंग की। प्रिंटिंग के दौरान जिन प्रश्नपत्रों में स्याही हल्की होती थी या कोई कमी रह जाती थी, उन्हें डिस्पोजल बॉक्स में डाल दिया जाता था। इन पेपरों की अलग से गिनती नहीं होती थी। बाद में उन्हें नष्ट किया जाना था। तीनों ने इसी व्यवस्था का फायदा उठाया।

चार्जशीट में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बताया गया है। तीनों करीब 12 से 15 हजार रुपए महीने की कमाई करते थे। ऐसे पैसों की लालच में वे पेपर लीक करने के लिए तैयार हो गए प्रेस से बाहर निकाले गए प्रश्नपत्रों को कर्मचारियों ने बिहार के सोनू सिंह तक पहुंचाया। इसके बाद सोनू ने पेपर मुख्य आरोपी बताए गए बिजेंद्र गुप्ता तक पहुंचाया।

2 सितंबर, 2025: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- शिक्षकों को TET पास करना ही होगा

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 2 सितंबर कहा था कि शिक्षकों को सेवा में बने रहने या प्रमोशन के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास करना जरूरी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा था कि जिन शिक्षकों की नौकरी 5 साल से ज्यादा बची है, वे सभी इस नियम के दायरे में होंगे।

कोर्ट ने TET पास करने की समय सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। टीईटी पास न करने वालों को या तो इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए ये निर्देश दिए।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *