चित्तौड़गढ़ : चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में एक व्यापारी ने 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल चढ़ाया। निम्बाहेड़ा के रहने वाले धर्मराज बंजारा ने कारोबार में सफलता पर यह मॉडल भेंट किया।
धर्मराज की फर्म वेदांश एंटरप्राइजेज साल 2017 से जेके सीमेंट कंपनी में ठेके लेती है। राजस्थान सर्राफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिछोलिया के अनुसार इसकी कीमत करीब 2 लाख 40 हजार रुपए आंकी गई है।
धर्मराज शुक्रवार देर रात परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ निम्बाहेड़ा से पैदल रवाना हुए। करीब 40 किलोमीटर की यात्रा करके शनिवार सुबह 11 बजे सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचे। रास्ते में डीजे पर भक्ति गीत बजते रहे। सभी लोग सांवलिया सेठ के जयकारे लगाते रहे।
धर्मराज ने बताया- मैंने संकल्प लिया था कि अगर मेरा काम अच्छी तरह चलता रहा और मनोकामना पूरी हुई तो मैं भगवान को ऐसी भेंट चढ़ाऊंगा, जो मेरे कारोबार से जुड़ी हो। काफी सोचने के बाद मैंने जेके सीमेंट प्लांट की प्रतिकृति बनवाने का फैसला किया।
परिवार के लोगों का कहना है कि यह यात्रा उनके लिए सिर्फ पैदल चलना नहीं थी, बल्कि भगवान के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने का एक तरीका थी।

यह 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल है, जिसे व्यापारी ने सांवलिया सेठ को चढ़ाया है।

निम्बाहेड़ा निवासी धर्मराज बंजारा 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल भेंट किया।
हर नए काम की शुरुआत सांवलिया सेठ के नाम से
धर्मराज बंजारा ने कहा- कारोबार में आगे बढ़ने के पीछे मेहनत के साथ भगवान सांवलिया सेठ का आशीर्वाद भी है। बचपन से ही माता-पिता के साथ मंदिर आता रहा हूं। तभी से सांवलिया सेठ मेरे आराध्य हैं।
समय बदला, कारोबार शुरू हुआ और जिम्मेदारियां बढ़ीं, लेकिन एक बात कभी नहीं बदली। आज भी जब कोई नया काम शुरू करना होता है या किसी बड़े फैसले की शुरुआत करनी होती है तो सबसे पहले मैं सांवलिया सेठ के दर्शन करता हूं।
धर्मराज का मानना है कि भगवान की कृपा से काम आसान होता है। मुश्किल समय में भी रास्ता निकल आता है। यही वजह है कि वे अपने व्यापार में भगवान को केवल पूजते ही नहीं, बल्कि उन्हें अपना बिजनेस पार्टनर भी मानते हैं।

संकल्प पूरा करने के लिए धर्मराज बंजारा परिवार के साथ पैदल यात्रा करते हुए पहुंचे। इस दौरान परिवार के लोगों ने रास्ते में भक्ति गीतों पर डांस भी किया।
भेंट से ज्यादा विश्वास की कहानी
धर्मराज बंजारा ने बताया- मॉडल की कीमत मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखती। असली महत्व उस विश्वास का है, जो वर्षों से सांवलिया सेठ के प्रति बना हुआ है।
उनका मानना है कि मेहनत इंसान करता है, लेकिन सफलता भगवान की कृपा से मिलती है। इसलिए जब भी व्यापार में लाभ होता है तो उसका एक हिस्सा भगवान के नाम करना चाहिए।
उन्होंने कहा- मैंने कभी भगवान से सिर्फ धन नहीं मांगा, बल्कि सही रास्ता और काम में सफलता मांगी। मेरी कमाई का एक हिस्सा हमेशा से सांवलिया सेठ का ही रहा है।
धर्मराज के पिता जेके सीमेंट कंपनी में नौकरी करते थे।

व्यापारी धर्मराज बंजारा अपने पूरे परिवार के साथ।

