दैनिक उजाला, ग्रेटर नोएडा : जीएलए यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा कैंपस में सिनैप्स-एआई क्लब द्वारा एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में विद्यार्थियों को तेजी से विकसित हो रही इंटेलिजेंट एआई सिस्टम की तकनीक, उनकी कार्यप्रणाली और व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में बीटेक के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के साथ-साथ एमसीए के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
वर्कशॉप के रिसोर्स पर्सन फिफ्टी स्टार्स टेक्नोलॉजीज एलएलसी के डेटा साइंटिस्ट अभिनव यादव रहे। उन्होंने जनरेटिव एआई से लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम) और एआई एजेंट्स तक के विकास को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई एजेंट्स को इस तरह तैयार किया जा सकता है कि वे विभिन्न कार्यों को पूरा करने, टूल्स और फंक्शंस के साथ इंटरैक्ट करने तथा कॉन्टेक्स्ट और मेमोरी का उपयोग कर निर्धारित उद्देश्यों को हासिल करने में सक्षम हों।
प्रशिक्षण के दौरान एजेंट आर्किटेक्चर, इफेक्टिव प्रॉम्प्टिंग, एलएलएम एपीआई इंटीग्रेशन, टूल एंड फंक्शन कॉलिंग, एजेंट लूप्स, मेमोरी और कॉन्टेक्स्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने स्वयं एक फंक्शनल एआई एजेंट तैयार किया, जिससे उन्हें एआई तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझने और उसके साथ कार्य करने का अवसर मिला। वर्कशॉप में 70 प्रतिशत समय हैंड्स-ऑन लर्निंग और 30 प्रतिशत कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग के लिए निर्धारित रहा, जिससे विद्यार्थियों को एआई तकनीक के साथ प्रत्यक्ष रूप से कार्य करने का अनुभव मिला।
जीएलए ग्रेटर नोएडा कैंपस के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने कहा कि एजेंटिक एआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तेजी से उभरती तकनीक है, जो विद्यार्थियों को केवल एआई को समझने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें ऐसे इंटेलिजेंट सिस्टम विकसित करने की दिशा में प्रेरित करती है, जो वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान में उपयोगी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एवं हैंड्स-ऑन कार्यक्रम विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीएलए यूनिवर्सिटी का सुसज्जित लैब इंफ्रास्ट्रक्चर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के साथ प्रयोग करने और व्यावहारिक रूप से सीखने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है।
वर्कशॉप के माध्यम से विद्यार्थियों को इंडस्ट्री प्रोफेशनल के साथ संवाद करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एक उभरते क्षेत्र के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एक्सपीरिएंशियल लर्निंग, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष जोर दिया गया।

