आगरा : आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक निवास पर कालिख पोतने के मामले में जेल भेजे गए कांग्रेसियों की रविवार को रिहाई हो गई। जेल से बाहर आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और जुलूस निकाला। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तकरार की स्थिति भी बनी।
शनिवार को CJM अदालत में मामले की सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने धारा 307 के आरोप को निराधार मानते हुए इसे हटाने का आदेश दिया। इसके बाद सभी 6 अभियुक्तों की जमानत मंजूर कर ली गई।
रविवार सुबह कांग्रेस नेताओं को जिला जेल से रिहा किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जेल के बाहर पहुंच गए थे। बाहर आते ही कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को फूल मालाएं पहनाईं।
दरअसल, 28 सितंबर को विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान घर की दीवार और मुख्य गेट पर कालिख पोत दी। स्प्रे से ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ लिखा। पुलिस ने हरीपर्वत थाने में अनिल यादव प्रदेश महासचिव (संगठन) आजमगढ़ एवं मुकेश धनगर, जिलाध्यक्ष कांग्रेस मथुरा तथा उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। सभी पर दंगा, रास्ता रोकने, गृह अतिचार और अन्य धाराओं के साथ धारा 307 में केस दर्ज कर किया था।
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जेल से रिहा होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला।

जुलूस निकालने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई।

साथियों के जेल से रिहा होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी में नारे लगाए।
नारेबाजी करते हुए निकाला जुलूस
रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस लेकर आगे बढ़े। इस दौरान कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे। जुलूस को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाकर स्थिति सामान्य कराने की कोशिश की। हालांकि नारेबाजी के बीच माहौल गर्म हो गया और कुछ देर तक पुलिस तथा कांग्रेसियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की जैसे हालात बने रहे।

28 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास पर कालिख पोत दी थी।
प्रदर्शन के दौरान गेट पर लिखा था ‘वोट चोर’
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान उनके आवास पर कालिख पोत दी गई थी और गेट पर ‘वोट चोर’ लिख दिया गया था।
मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया था।
जेल से रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस के साथ शहीद स्मारक पहुंचे। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी और कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

