आगरा : स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान में अब कुछ ही दिन बचे हैं। भाजपा और सपा ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस चुनाव को दोनों दलों के लिए अहम माना जा रहा है।
आगरा खंड की स्नातक सीट पर भाजपा, सपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा है। वहीं, शिक्षक सीट पर भाजपा और सपा प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।
दोनों सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, 27 अक्टूबर को आगरा में मतगणना की जाएगी। इस बार दोनों सीटों पर कुल 25 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें स्नातक सीट पर 13 और शिक्षक सीट पर 12 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 150 बूथ बनाए जा रहे हैं। इस सीट पर 50,802 मतदाता मतदान करेंगे। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए करीब 262 बूथों पर वोटिंग होगी। स्नातक सीट के लिए 1,90,725 मतदाता सूचीबद्ध हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर 2,41,527 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

आगरा खंड स्नातक-शिक्षक एमएलसी के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है।
इनके बीच मुकाबला पिछले चुनाव में स्नातक सीट भाजपा (डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह) ने जीती थी, जबकि शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी (डा. आकाश अग्रवाल) ने चुनाव जीता था। इस बार स्नातक सीट पर भाजपा, सपा के साथ ही एक निर्दलीय प्रत्याशी ने पूरा जोर लगा दिया है। इससे भाजपा खेमे में हलचल बढ़ी हुई है। वहीं, शिक्षक सीट पिछली बार निर्दलीय चुनाव जीते डा. आकाश अग्रवाल ने सपा का दामन थामकर भाजपा को सीधी चुनौती दे डाली है। इसको देखते हुए भाजपा ने अपनी पूरी टीम को चुनाव में लगा दिया है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल लगातार इसकी रिपोर्ट ले रहे हैं। पार्टी ने आगरा खंड के अंतर्गत आने वाले 12 जिलों के सांसद और विधायकों को चुनाव प्रचार में लगा दिया है।
आगरा खंड में ये जिले शामिल
आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद और कन्नौज जिलों के मतदाता 23 अक्तूबर को मतदान में हिस्सा लेंगे।
23 अक्टूबर को होगा मतदान
आगरा खंड की दोनों MLC सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। प्रशासन ने चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए 11 जोनल मजिस्ट्रेट और 3 आरक्षित जोनल मजिस्ट्रेट, जबकि 27 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 10 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं।
जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान पार्टियों को पोलिंग पार्टी प्रस्थान स्थल से सुरक्षित रूप से मतदेय स्थल तक पहुंचाएंगे। मतदान पार्टियों के मतदेय स्थल पर पहुंचने की सूचना और चुनाव आयोग की ओर से मांगी जाने वाली अन्य जानकारियां समय से निर्वाचन कंट्रोल रूम और जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करानी होंगी।
मतदान के दिन सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने आवंटित मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे और समय से मतदान शुरू कराएंगे। मतदान समाप्त होने के बाद मतदान पार्टियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम तक वापस लाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों की होगी।

