सुल्तानपुर : राहुल गांधी को अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
आरोप है कि राहुल ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है।’
फैसले के बाद कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर डांस किया, आतिशबाजी की और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए।
इससे पहले, सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल के काफिले की 5 गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इनमें एक एंबुलेंस भी थी। हादसे में राहुल सुरक्षित हैं।
मोदी सरनेम मामले में भी हुई थी सजा
- 2019 में कर्नाटक के कोलार में चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है’ टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर दर्ज मानहानि मामले में गुजरात की अदालत ने 2023 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी।
- उस समय राहुल गांधी वायनाड से सांसद थे। सजा के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी, जिससे उनकी संसद सदस्यता बहाल हो सकी।
SIT हादसे की वजह, सुरक्षा या यातायात व्यवस्था में चूक की जांच करेगी
राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच के लिए बनी एसआईटी हादसे की असली वजहों, सुरक्षा या यातायात व्यवस्था में हुई किसी भी तरह की चूक की जांच करेगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के सुझावों के साथ अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी।
राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच SIT करेगी
सुल्तानपुर में राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच के लिए SIT बना दी गई है। यूपी पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. की अध्यक्षता में बनी इस तीन सदस्यीय टीम में सुल्तानपुर के एएसपी बृज नारायण सिंह और डीएसपी (यातायात) राम कृष्ण चतुर्वेदी को सदस्य बनाया गया है।
राहुल 23 मिनट कोर्ट में रहे, जज ने 16 मिनट में फैसला सुनाया
राहुल गांधी सुल्तानपुर की विशेष MP/MLA कोर्ट सुबह 11.12 बजे पहुंचे। कोर्ट रूम में 11.16 बजे दाखिल हुए। 11.35 बजे कोर्ट से बाहर आ गए। कोर्ट ने 16 मिनट में फैसला सुनाया। 10 मिनट तक वादी पक्ष को फटकार लगाई।
राहुल के वकील बोले- सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी किया
राहुल गांधी के वकील काशी शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस सांसद के खिलाफ मामला साबित नहीं हो पाया। न कोई ठोस सबूत पेश किया गया। इसी आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।

