- यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को रोकने के लिए सपा-कांग्रेस को फिर से गठबंधन का प्रस्ताव दिया है
यूपी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को खुला ऑफर दिया है। यूपी के कैराना में सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने पहले तो कांग्रेस और सपा पर जमकर निशाना साधा। लेकिन शामली पहुंचकर ओवैसी ने कहा कि मेरी पार्टी योगी को दोबारा सीएम बनते नहीं देखना चाहती। ओवैसी ने साफ किया कि बिहार में भी उनकी पार्टी ने राजद और कांग्रेस से गठबंधन को कोशिश की थी लेकिन उनके ऑफर को ठुकरा दिया गया।
‘जब तक अब्दुल नेता नहीं बनेगा, मसला हल नहीं होगा’
ओवैसी ने कहा कि जो दल योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, एआईएमआईएम उनके साथ जाने को तैयार है। आगे उन्होंने कहा, जब तक अब्दुल नेता नहीं बनेगा, इन मसलों का हल नहीं होगा।
‘अखिलेश को मुसलमानों से नफरत’
इससे पहले कैराना की रैली में ओवैसी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। खुद की तुलना रावण से करने पर भड़के ओवैसी ने कहा कि अखिलेश यादव बीजेपी और आरएसएस की भाषा बोलते हैं। उन्होंने कहा, 90 फ़ीसदी मुस्लिम वोट सपा हासिल करेगी तो सवाल उन्हीं से पूछा जाएगा।
विपक्षी दलों ने क्यों नहीं दिए सकारात्मक संकेत?
इससे पहले भी यूपी चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे प्रमुख विपक्षी दलों के सामने गठबंधन का भी प्रस्ताव रखा था। उन्होंने गठबंधन के लिए 2 अक्टूबर तक का समय दिया था, लेकिन मुख्य विपक्षी दलों की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। सपा और अन्य विपक्षी दल ओवैसी के साथ जाने से बच रहे थे। उनका मानना है कि ओवैसी की पार्टी वोटों का ध्रुवीकरण करती है और उन्हें ‘वोट कटवा’ के रूप में देखा जाता है।
हालांकि इसके बाद जब अखिलेश यादव से गठबंधन के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि जिस गठबंधन ने भाजपा को हराया था, समाजवादी पार्टी उसी गठबंधन को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
वहीं, 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने सपा के मुस्लिम नेताओं पर भी निशाना साधा है।

