लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कभी अपने आतंक के दम पर राज करने वाले मुख्तार की जिंदगी योगी आदित्यनाथ की सरकार ने तबाह कर रखी है। उसके काली कमाई पर बुलडोजर चलाने से लेकर उसे सजा दिलाने तक सरकार लगातार एक्शन ले रही है। 2017 से पहले लोग यह सोच भी नहीं सकते थे कि मुख्तार या उसके साम्राज्य को कोई छू भी सकता है। योगी सरकार में माफिया के परिवार की हालत यह है कि या तो उसके परिवार के लोग जेल में है या फरार है।
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी इस वक्त बांदा जेल में है। इसके अलावा उसका बड़ा बेटा अब्बास अंसारी हेट स्पीच और अवैध असलहा रखने के आरोप में इस समय कासगंज जेल में बंद है। उसकी बहू निकहत अब्बास को जेल से भगाने के साजिश के आरोप में चित्रकूट जेल में बंद है तो वहीं भाई और पूर्व सांसद अफजाल अंसारी गैंगस्टर एक्ट के तहत गाजीपुर जिला जेल में बंद है। वहीं, मुख्तार की पत्नी अफ्शां अंसारी 50 हजार की इनामी बदमाश है और फरारी काट रही है।
27 फरवरी22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजारामपुरा से लेकर भरहुका पूरा तक रोड शो निकाला था। आचार संहित उल्लंघन के इस मामले में पुलिस ने मुख्तार अंसारी के दोनों बेटे अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के अलावा गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर पर मुकदमा दर्ज किया था।
छोटे बेटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
इसी मामले में शुक्रवार को मऊ के एमपी एमएलए (MPMLA) कोर्ट में आरोपियों पर आरोप तय होना था। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अब्बास अंसारी कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ। बाकी आरोपी अदालत में स्वयं मौजूद रहे। मगर, मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी कोर्ट में अनुपस्थित रहा।
इस मामले में MP/MLA कोर्ट की जज श्वेता चौधरी ने 2 जून को अगली सुनवाई की तारीख तय की है। इससे पहले उन्होंने उमर को गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश करने का आदेश दिया। छोटे बेटे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होते ही मुख्तार के परिवार के सभी सदस्य या तो जेल पहुंच चुके है या फरारी काट रहे है।

