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बहुत हुई गर्मी की मार, बारिश की फुहार के लिए हो जाएं तैयार, इतने घंटे बाद होगी झमाझम बरसात

लखनऊ : यूपी में एक बार फिर से मानसून सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान फिर बढ़ने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश में मानसून ट्रफ के दक्षिण हिस्से की ओर शिफ्ट हो जाने से बारिश में ब्रेक लग गया है। मौसम विभाग का कहना है कि बीते दिनों कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई और महज 5 मिमी. बरसात के अलावा पूरे प्रदेश में कहीं बारिश नहीं हुई। हालांकि अब 2 दिनों तक फिर बारिश की संभावना है। इसके बाद अगले कुछ दिन पूरे प्रदेश में शुष्क हालात रहेंगे और तापमान बढ़ने का दौर जारी रहेगा।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक ओडिशा तट पर बने कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी है। इस कारण मानसून के अनुकूल परिस्थितियां अप्रभावी हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीते दिनों अधिकतम 2.6 डिग्री तक पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सर्वाधिक तापमान प्रयागराज में 37 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पारे में अधिकतम 6.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 जुलाई से बरसात फिर से शुरू हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ एचआर रंजन के मुताबिक मानसून के अनुकूल परिस्थितियां विकसित होने पर पूरे प्रदेश में मानसून 28 जुलाई से फिर एक्टिव होगा। इसके बाद फिर बरसात होगी।

लखनऊ विश्वविद्यालय में भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. ध्रुवसेन सिंह कहते हैं कि इस वक्त मानसून के ब्रेक होने की कई वजहें हैं। एक तो अलनीनो सक्रिय है, जिससे मानसून कमजोर पड़ गया। बादल छाए रहने के कारण पृथ्वी से विकिरण अंतरिक्ष तक नहीं जा पा रहा है। इस कारण धरती गरम बनी हुई है। इस वक्त मानसून ट्रफ गंगा के मैदान में होना चाहिए था, लेकिन वह यहां से बाहर है। इसी तरह पश्चिमी विक्षोभ यहां तक नहीं आ पा रहा है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक कुछ दिनों के भीतर पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं तेज हवा चलने व बिजली गरजने की संभावना है। लेकिन जिस तरह से उत्तराखंड व अन्य अधिकतर प्रदेशों में बारिश हुई है, उस तरह जमकर वर्षा नहीं होगी।

इसका मुख्य कारण है कि चक्रवात का प्रभाव उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तक सीमित है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ व उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश में भी चक्रवाती गतिविधियों के प्रभाव से वर्षा हो रही है। परंतु उत्तर प्रदेश में ऐसा कोई प्रभाव नहीं है। बहुत संभव है कि देर से वर्षा हो यानी कि सितंबर तक वर्षा जारी रहने के आसार हैं।

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