लखनऊ : 2022 के विधानसभा चुनाव में ओम प्रकाश राजभर ने जिस तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गालियां दी थी, लगता है कि योगी आदित्यनाथ उस टीस को अभी भूल नहीं पाए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने भले ही राजभर की बातों को भूला दिया हो और फिर से उनकी पार्टी सुभासपा को एनडीए में शामिल कर लिया हो, मगर योगी आदित्यनाथ सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर को गाहे बगाहे इस बात का एहसास करा ही देते हैं कि उन्होंने योगी को क्या-क्या कहा था।
ओम प्रकाश राजभर NDA में शामिल जरुर हो गए हैं, लेकिन इस बार भाजपा के मन में राजभर के लिए वह प्रेम नहीं दिख रहा है जो पहली बार गठबंधन करने पर दिखा था। दरअसल, विधानसभा सत्र से पहले डिजिटल कॉरिडोर का लोकार्पण के दौरान खड़े हुए देखा गया। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की किताब के विमोचन में भी राजभर एकदम किनारे खड़े दिखाई दिए। जिसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर बीते दिनों NDA में हुए शामिल हुए थे। जिसका प्रमाण गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए दिया था। उन्होंने लिखा था कि “राजभर जी का एनडीए में स्वागत है। राजभर जी के आने से यूपी में एनडीए को मजबूती मिलेगी।” इसके बाद से यूपी के कई बड़े नेताओं ने गले लगाया तो बिछड़ा हुआ दोस्त बताया, लेकिन CM योगी ने कोई बधाई नहीं दिया था, लेकिन राजभर खुद उनसे मिलने पहुंच गए और मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे हुए हैं।

