दैनिक उजाला डेस्क : अनावश्यक एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करना सेहत पर भारी पड़ रहा है। कई लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन एक सप्ताह तक दवा लेने के बाद भी बुखार, वायरल, खांसी, जुकाम और दस्त से पूरी तरह सेहत नहीं संभल पा रही है। जिले में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
इससे बार-बार चिकित्सकों को दवा बदलना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की योजना तैयार की गई है। जिले के चिकित्सकों, एएनएम और आशा सहयोगिनी आदि स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी दवाइयों के सेवन के प्रति जागरूकता को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि होने पर अब कई लोग स्वयं के स्तर पर एंटीबायोटिक दवा मेडिकल स्टोर से खरीद कर खा रहे हैं। कई नीम हकीम ओर सक्षम चिकित्सकीय शिक्षा नहीं होने के बाद भी एंटीबायोटिक लिख रहे हैं। कई लोग क्लिीनिक व अस्पतालों में चिकित्सकों के पास इलाज के लिए तो पहुंच रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों से जबरन एंटीबायोटिक लिखा रहे हैं। इससे शरीर में अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक पहुंच रहा है। स्थिति यह हो गई की।
तीन दिन दवा खाने से स्वस्थ होने वाले मरीज को 5 से 7 दिनों तक दवा खाना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक का उपयोग करने, पूरी अवधि तक दवा नहीं लेने, एंटीबायोटिक की आवश्यकता नहीं होने पर भी लेने और तर्कविहीन दवाओं का उपयोग करने से शरीर में एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस हो सकता है।
अधिक एंटीबायोटिक लेने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 से 24 नवम्बर तक विश्व एएमआर सप्ताह (एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस वीक) रोगाणुरोधी प्रतिरोध सप्ताह मनाया जाएगा। इसके तहत उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) को दक्ष प्रशिक्षक नियुकत किया गया है। वे 18 नवम्बर से सप्ताह के दौरान जिले में चिकित्सकों को और आशा, एएनएम आदि अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। स्वास्थ्य कार्मिकों की जागरूकता कार्यशाला होगी। स्कूलों में बच्चों को भी सेहत ओर दवाईयों के प्रयोग आदि को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
एंटीबायोटिक दवाइयों के अनावश्यक बढ़ते उपयोग से सेहत सुधरने में अधिक समय लग रहा है। इस विषय में जागरूकता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 नवम्बर से एएमआर सप्ताह मनाया जाएगा। इसे लेकर वीसी में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. राजेन्द्र मीणा, डीप्टीसीएमएचओ (स्वास्थ्य)

