Breaking
Mon. Mar 16th, 2026

आपके बच्चे को है फोन की लत! बिगाड़ रही है मेंटल और फिजिकल हेल्थ

नई दिल्ली : कोविड महामारी के बाद स्क्रीनटाइम बढऩे से बच्चों के विकास पर विपरीत असर पड़ा है। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास सबसे ज्यादा अवरुद्ध हुआ है, क्योंकि बच्चों में सीखने, समझने का ज्यादातर विकास 12 वर्ष की आयु तक होता है। हाल ही जारी न्यूरोइमेजिंग शोध के अनुसार कोविड के बाद बच्चे स्मार्टफोन, टैब और टीवी पर गेम खेलने में ज्यादा समय बिता रहे हैं, जिससे उनके सोचने समझने की क्षमता पर प्रभाव पड़ रहा है। इस शोध में बच्चों पर डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रभाव को जानने के लिए 30 हजार बच्चों पर न्यूरोइमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया। हालांकि शोधकर्ताओं ने स्क्रीन टाइम को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं, लेकिन अभिाभावकों से बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने का आग्रह किया है।

दिमाग के इन हिस्सों पर होता है असर

  • प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स : शोध के मुताबिक ज्यादा स्क्रीन टाइम का असर प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स पर होता है, जो जानकारी, सोच, स्मृति, शोध और प्लानिंग में सक्रिय भूमिका निभाता है।
  • पार्श्विका लोब : यह स्पर्श, ठंडा-गर्म और दर्द का अहसास कराता है।
  • टेम्पोरल लोब : स्मृति, श्रवण और भाषायी ज्ञान करवाता है।
  • ओक्सिपिटल लोब: दृश्य जानकारी की व्याख्या में मददगार।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *