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Jio IPO के 3 दिन में 7 रिकॉर्ड:देश का सबसे बड़ा इश्यू, 100 मिनट में पूरा भरा; टारगेट से 22 गुना ज्यादा बोलियां

5 सितंबर 2026, रिलायंस ने ‘जियो’ नाम से फ्री सिम बांटनी शुरू कीं। इतना ही नहीं, अगले 6 महीने इंटरनेट भी मुफ्त दिया। जियो स्टोर्स पर ग्राहकों की लाइन लग गई।

दस साल बाद यही जियो जब भारत का सबसे बड़ा IPO लाई, तो लोग एक बार फिर टूट पड़े।

जियो दुनियाभर में 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला पहला IPO तो बना ही, इसने 3 दिन में 7 रिकॉर्ड बना डाले।

पहला रिकॉर्ड: एक करोड़ एप्लिकेशन पार करने वाला दुनिया का पहला IPO

ग्लोबल स्टॉक मार्केट के इतिहास में जियो प्लेटफॉर्म्स पहला ऐसा IPO बन गया है, जिसे 10 मिलियन यानी 1 करोड़ से ज्यादा इंडिविजुअल इन्वेस्टर एप्लीकेशन मिले हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत की ही वारी एनर्जीज के नाम था, जिसे लगभग 97.3 लाख आवेदन मिले थे।

दूसरा रिकॉर्ड: भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा IPO

₹30,213 करोड़ के इश्यू साइज के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारत के इतिहास का सबसे बड़ा इक्विटी ऑफरिंग बन गया है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था।

तीसरा रिकॉर्ड: सबसे ज्यादा पब्लिक सब्सक्रिप्शन बिड्स

एंकर बुक समेत जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के लिए कुल शेयर डिमांड ₹7.4 लाख करोड़ रही। पब्लिक सब्सक्रिप्शन कैटेगरी से ₹4.9 लाख करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं।

डेटा के आधार पर एंकर बुक के बाहर मिली बोलियों की वैल्यू के मामले में यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन गया है, जिसने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के 2025 IPO के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

इसके अलावा एंकर बुक में एंकर इन्वेस्टर्स को एलोकेट ₹8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग मिली।

चौथा रिकॉर्ड: पूरी तरह फ्रेश शेयर्स वाला सबसे बड़ा IPO

पूरा ₹30,213 करोड़ का इश्यू 27 करोड़ नए फ्रेश शेयर्स से मिलकर बना था। ऑफर फॉर सेल (OFS) वाले IPO के विपरीत, इसमें पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज या स्ट्रैटेजिक निवेशक मेटा और गूगल ने अपनी कोई हिस्सेदारी नहीं बेची है।

पांचवां रिकॉर्ड: सबसे तेजी से फुल सब्सक्राइब होने वाला मेगा IPO

पहले ही दिन खुलने के 100 मिनट से कम समय में यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। इससे पहले ₹15,000 करोड़ से ज्यादा के भारतीय IPO को पूरी तरह भरने में आमतौर पर 2 से 3 दिन का समय लगता था।

छठा रिकॉर्ड: बिडिंग आवर्स बढ़ाने वाला पहला IPO

भारी एप्लिकेशन वॉल्यूम को संभालने के लिए BSE और NSE ने इस IPO के लिए रोजाना बिडिंग के समय में बढ़ोतरी की। आम तौर पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाली बिडिंग विंडो को इस इश्यू के लिए सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलाया गया।

सातवां रिकॉर्ड: नई लिस्टेड कंपनी के लिए सबसे ज्यादा शुरुआती मार्केट वैल्यूएशन

₹1,119 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर, जियो प्लेटफॉर्म्स का पोस्ट-लिस्टिंग मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। ट्रेडिंग के पहले ही दिन यह भारत की टॉप 4 या 5 सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो जाएगी।

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