मुंबई : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल और टेलीकॉम ब्रांच, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO को मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है। SEBI ने आज 28 अगस्त को इसकी जानकारी दी।
इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ऑफिशियल पोर्टल पर भी जियो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस का स्टेटस ‘अप्रूव्ड’ दिखाने लगा है।
हालांकि अभी यह तय नहीं है कि IPO मार्केट में कब आएगा। लेकिन, जानकारों का अनुमान है कि दीपावली के आसपास इसे लॉन्च किया जा सकता है।
27 करोड़ शेयर से ₹37,700 करोड़ जुटाने का प्लान
इसी साल 19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया था कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भी लाने जा रही है।
उन्होंने बताया था कि कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इस IPO का ऐलान पिछले साल की AGM में भी किया गया था, लेकिन अमेरिका-ईरान जंग की वजह से इसे टाल दिया गया।
ईशा अंबानी ने कहा था- जियोमार्ट के 3100+ स्टोर्स
ईशा अंबानी ने कहा था कि रिलायंस रिटेल का ग्राहक आधार लगातार बढ़ रहा है और रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 38.7 करोड़ तक पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन किए, जो एक साल पहले के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि होम और पर्सनल केयर कारोबार इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से पांच गुना तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 11.8% बढ़कर 3.70 लाख करोड़ रुपए हो गया।
रिलायंस की टेक कंपनी है जियो प्लेटफॉर्म्स
अंबानी ने कहा, “जियो की यह लिस्टिंग पूरी दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।” दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की ही टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है।
भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देती है। इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और एआई (AI) टूल्स मौजूद हैं।
इस तकनीक की मदद से बड़ी कंपनियों और प्राइवेट नेटवर्क्स के लिए 5G का इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है, जिसे इंटरनेट क्लाउड पर भी चलाया जा सकता है।

