अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्र ने गुरुवार रात पीजी के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। वह बीए सेकेंड ईयर का छात्र था। उसका दोस्त देर रात जब कमरे पर पहुंचा। तो दरवाजा अंदर से लॉक था। उसने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया लेकिन कमरा नहीं खुला।
जिसके बाद उसने पीजी में रहने वाले अन्य किरायेदारों इसके बारे में बताया उन्होंने पुलिस को सूचना देने को कहा। उसके सूचना देने के थोड़ी देर के अंदर ही पुलिस कमरे पर पहुंच गई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। देखा तो छात्र का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका हुआ था। घटना सिविल लाइंस क्षेत्र की है।

यह तस्वीर कृष्णा की है। कृष्णा के कमरे से कमरे में तलाशी के दौरान 5 पेज का सुसाइड नोट मिला है।
परिवार के सभी सदस्यों का जिक्र किया
पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसके बाद जांच में जुट गई। कमरे में तलाशी के दौरान 5 लाइन लिखा सुसाइड नोट मिला है। जिससे उसकी पहचान कृष्णा के रूप में हुई है। इसमें उसने अपनी मां-पापा और परिवार के सभी सदस्यों का जिक्र किया है। उसने लिखा है कि वह लूजर है, कुछ नहीं कर पर रहा, इसलिए जान दे रहा।
कृष्णा दोदपुर के मुजम्मिल मंजिल इलाके में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एचए खान की पुरानी कोठी में रहता था। एचए खान ने इस कोठी को पीजी बना रखा है। इसके भूतल के सभी कमरों और पहली मंजिल के दो कमरों में एएमयू के छात्र किराये पर रहते हैं। कृष्णा और उसके साथ बिहार का असनान नाम का छात्र पहली मंजिल के एक कमरे में रहते थे। असनान इन दिनों बिहार गया है और अपने एक रिश्तेदार को कृष्णा के पास कमरे पर छोड़कर गया था।
साथी ने पुलिस को बताया कि कृष्णा ने रात करीब 12 बजे उसे यह कहते हुए कमरे से बाहर कर दिया था कि उसे कपड़े बदलने हैं। इसके बाद वह फोन पर बात करते हुए कॉलोनी से बाहर टहलने चला गया। करीब डेढ़ बजे जब वह वापस आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी नहीं खुला। बाद में जंगले से झांककर देखने पर कृष्णा का शव दिखाई दिया। शोर मचाने पर अन्य लोग भी वहां आ गए और सूचना पर पुलिस पहुंची।
पढ़ने में होशियार और खुशमिजाज था कृष्णा
आत्महत्या करने वाले छात्र कृष्णा के साथी छात्रों और जम्मू के ही रहने वाले अन्य छात्रों ने बताया कि कृष्णा पढ़ने में बेहद होशियार और खुशमिजाज था। सामान्य तौर पर उसकी दिनचर्या में दिन में कक्षा में जाना और कमरे पर पढ़ाई करना शामिल था। वह दोस्तों के बीच भी खुशमिजाजी से रहता था। एक दोस्त ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही उससे मुलाकात हुई थी। तब सब सामान्य था। पीजी में रहने वाले अन्य साथियों ने भी बताया कि वह सामान्य तरीके से रहता था और खुशमिजाजी से बात करता था। कभी ऐसा नहीं लगा कि उसके जीवन में कोई परेशानी चल रही है।
लड़की से प्रेम संबंध का संदेह
पुलिस के अनुसार, साथियों से बातचीत में पता चला है कि वह फोन पर काफी बातचीत करता था। वह किस नंबर पर ज्यादा बात करता था, इसके लिए मोबाइल का लॉक खुलवाया जाएगा। फिलहाल फॉरेंसिक जांच के बाद कमरा सील कर दिया गया है। मोबाइल और सुसाइड नोट जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। सुसाइड नोट में ‘बाबू’ संबोधन प्रेम संबंध से जुड़ी किसी लड़की के लिए लिखा है या फिर अपनी छोटी बहन के लिए इसकी जांच की जा रही है।
चाचा बोले- रक्षा बंधन पर घर आने को बोला था
कृष्णा के पिता विक्रांत शर्मा जम्मू के पीर मीठा इलाके में पूजा-पाठ का काम करते हैं। परिवार में मां, पिता और दादा के अलावा एक छोटी बहन है, जो पढ़ाई कर रही है। कृष्णा इंटर के बाद एएमयू में पढ़ने आया था, जहां हॉस्टल नहीं मिलने के कारण पीजी में रहता था।
दिल्ली से पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचे रिश्ते के चाचा ने बताया कि दो माह पहले वह किसी आयोजन में शामिल होने के लिए घर गया था। तब उसने रक्षाबंधन पर घर आने की बात परिजनों से कही थी, मगर वह नहीं पहुंचा। उसकी मौत की खबर पहुंची।
दो वर्ष में पांचवें छात्र का सुसाइड
एएमयू में छात्रों के सुसाइड का यह पिछले दो वर्ष में पांचवां मामला है। इससे पहले एक छात्र और तीन छात्राएं आत्महत्या कर चुकी हैं। इसे लेकर भी तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर लगातार ऐसा क्यों हो रहा है।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह कहते हैं कि छात्र ने आत्महत्या की है। उसका फोन लॉक है, जिसे खुलवाया जा रहा है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी कि किस वजह से उसने आत्महत्या की है। परिवार से बातचीत के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

