- महावन, बलदेव, कुरसंडा, जुगसना व दघेता राजवाहों का किया निरीक्षण, विभागीय भूमि चिन्हांकन और निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा कराने के निर्देश
दैनिक उजाला, मथुरा : किसानों की सिंचाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्य अभियंता गंगा ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने शुक्रवार को निचली मांट शाखा खंड गंगा नहर, मथुरा के अंतर्गत आने वाली नहरों और राजवाहों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मथुरा, हाथरस एवं आगरा जनपद की सिंचाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को नहरों का संचालन पूरी क्षमता से सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल मथुरा, अधिशासी अभियंता यू.के. सोनकर तथा एसडीओ वैभव सांगवान सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अभियंता ने मांट ब्रांच पर राया कट (किमी 115) से टेल (किमी 128.800) तक नहर का निरीक्षण किया। इसके अलावा महावन, कुरसंडा, जुगसना और दघेंटा राजवाहों के शीर्ष भाग तथा बलदेव राजवाह के हेड से 10 किलोमीटर तक नहर और संचालित कुलाबों की स्थिति का भी बारीकी से अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नहरों का संचालन उनकी पूर्ण क्षमता से किया जाए, ताकि टेल क्षेत्र तक भी किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सके। साथ ही विभागीय भूमि का चिन्हांकन कर उसे सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए, जिससे भविष्य में अतिक्रमण जैसी समस्याएं उत्पन्न न हों।
किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं

दघेंटा रजवाहा के सेवा मार्ग पर प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए मुख्य अभियंता ने गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जीएसबी का कार्य निर्धारित गहराई एवं उचित ग्रेडेशन के साथ कॉम्पैक्ट कराया जाए तथा सेवा मार्ग पर ब्रिक ऑन एज का कार्य लाइन-डोरी के माध्यम से एक समान संरेखण (Alignment) में कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्य अभियंता ने अधिकारियों से कहा कि सिंचाई व्यवस्था किसानों की जीवनरेखा है। नहरों के संचालन, रखरखाव और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता तथा समयबद्धता सुनिश्चित कर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए विभिन्न स्थलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

