नई दिल्ली : गुजरात और मुंबई के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते अब तक 9 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, गुजरात सरकार ने कच्छ-सौराष्ट्र में समुद्र तट से 10 किलोमीटर की सीमा में 7 जिलों से 37 हजार से ज्यादा लोगों को निकालकर शेल्टर होम में भेजा है।
चक्रवात से पहले ही इन तटीय इलाकों में तेज बारिश, समुंदर की लहरों में उछाल और तेज हवाएं चलती देखी जा सकती हैं। यह चक्रवाती तूफान गुरुवार दोपहर को गुजरात के कच्छ जिले में टकराने की संभावना है। इसको लेकर इन इलाकों से सुरक्षा एजेंसियों ने 30 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया है। सेना ने गुजरात में मोर्चा संभाल लिया है। मौसम विभाग ने तूफान को लेकर नौ राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
बिपरजॉय पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले 9 जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। तब पोरबंदर के पास 166 KMPH की रफ्तार से हवा चली थी।
बीते 58 साल की बात करें तो 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठे। इनमें से दो गुजरात के तट पर टकराए। एक महाराष्ट्र, एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर कमजोर पड़ गए।
पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा कि गुजरात के बिपरजॉय की वजह से करीब 95 ट्रेनों को रद्द या शॉर्ट-टर्मिनेटेड किया गया है। गुजरात के तटीय इलाकों में जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द रहेंगी। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया था कि हम चक्रवात की लगातार निगरानी कर रहे हैं। मुख्यालय में एक आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इसके साथ ही भुज, गांधीदम, पोरबंदर और ओखा में एडीआरएम भी तैनात किए हैं।

