दैनिक उजाला, मथुरा : विश्व उद्यमिता दिवस के उपलक्ष्य में जीएलए विश्वविद्यालय एवं रोजगार भारती के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए विशेष उद्यमिता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार एवं स्टार्टअप के प्रति रुचि विकसित करने के साथ ही युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहकर रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संपर्क प्रमुख डा. हरीश रौतेला उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में आरके एग्रोएक्सपोर्ट के संस्थापक एवं मैनेजिंग डायरेक्टर तथा मॉर्निंग ब्रू/कोफेलो के संस्थापक डायरेक्टर गौरव वार्ष्णेय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में टेकमैन बिल्डवेल के निदेशक नीरव निमेष तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रांत के प्रांत संपर्क प्रमुख प्रमोद चौहान (चार्टर्ड एकाउंटेंट) उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जीएलए सीएसईडी के सह निदेशक पुष्कर शर्मा, ओएसडी टू चांसलर गौरव शर्मा एवं टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर के वाइस प्रेसिडेंट रवि तिवारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता डा. हरीश रौतेला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को पारंपरिक रोजगार की सोच से आगे बढ़कर उद्यमिता और नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल स्टार्टअप की शुरुआत ऐसे विचार से होती है, जो किसी वास्तविक समस्या का समाधान प्रस्तुत करता हो। युवाओं को अपने कौशल, रचनात्मक सोच और तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज की आवश्यकताओं को समझने तथा नए समाधान विकसित करने में करना चाहिए।
मुख्य अतिथि गौरव वार्ष्णेय ने कहा कि देश के विकास में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों के नए विचारों को उचित मार्गदर्शन एवं मंच मिलने पर वे बड़े उद्यमों का रूप ले सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों को केवल विचार तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रारूप एवं उत्पाद के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि एवं टेकमैन बिल्डवेल के निदेशक नीरव निमेष ने स्टार्टअप के व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्यमिता की शुरुआत बड़े निवेश से नहीं, बल्कि किसी वास्तविक समस्या के प्रभावी समाधान से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बाजार की आवश्यकता समझने, तकनीक का प्रभावी उपयोग करने तथा उत्पाद एवं सेवाओं को उपयोगकर्ता तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
प्रांत संपर्क प्रमुख, ब्रज प्रांत प्रमोद चौहान (चार्टर्ड एकाउंटेंट) ने कहा कि युवाओं में स्वावलंबन और उद्यमशीलता की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। युवा अपनी प्रतिभा एवं कौशल के माध्यम से न केवल स्वयं के लिए रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार सृजन का माध्यम बन सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में पुष्कर शर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन, रोजगार भारती के पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम की सराहना करते हुए जीएलए के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों में उद्यमिता एवं स्टार्टअप के प्रति सोच विकसित करने और उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, सेमिनार एवं प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कई विद्यार्थियों ने अपने अभिनव विचारों को प्रारूप के रूप में विकसित करते हुए स्टार्टअप की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू किया है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में दीपांश गोयल, (प्रोग्राम मैनेजर – सीएसईडी), दीपक शर्मा, (प्रबंधक – टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर) तथा सीएसईडी क्लब के छात्र-छात्रा – भूमिका अग्रवाल, कीर्ति यदुवंशी, अनमोल शर्मा, उत्कर्ष अग्रवाल तथा अक्षत गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन रोजगार भारती, मथुरा विभाग के संयोजक प्रदीप अग्रवाल ने किया।

