- जीएलए कृषि संकाय द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के विलेज अटैचमेंट कार्यक्रम जैत गांव में किया
दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कृषि विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों के लिए “कृषि के क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की संभावनाएँ” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता तथा आधुनिक तकनीकों से जुड़े अवसरों की जानकारी देना रहा। व्याख्यान में कृषि क्षेत्र में बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं को लेकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के निदेशक प्रशासन एवं मॉनिटरिंग प्रोफेसर उदय प्रताप शाही ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की बढ़ती संभावनाओं के साथ मौसम पूर्वानुमान, कृषि-मौसम आधारित सलाह, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं एआई की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रो. शाही ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्टार्टअप, कृषि उद्यमिता, एग्री-बिजनेस, कृषि परामर्श सेवाओं तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से स्वयं रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी एवं वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल कर कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
जीएलए के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि शिक्षा को केवल पारंपरिक कृषि ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उसे आधुनिक तकनीक, नवाचार, उद्यमिता और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना आवश्यक है।
कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रो. शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों, एग्रीटेक, उद्यमिता और स्टार्टअप के बढ़ते अवसरों को देखते हुए विद्यार्थियों को अपने तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहित कुमार सिंह ने किया।
ऑरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन जैत गांव में

वहीं विश्वविद्यालय के कृषि संकाय द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के विलेज अटैचमेंट ऑरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन जैत गांव में किया गया। कार्यक्रम में किसानों को पार्थेनियम प्रबंधन, जैविक नियंत्रण, सरकारी योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन की जानकारी दी गई। प्रो. राजवीर शर्मा ने पार्थेनियम से होने वाली कृषि एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा प्राकृतिक शत्रु जाईगोग्रामा बाइकोलरेटा की भूमिका बताई।
अभिषेक शुक्ला ने किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, पशुपालन सहायता, कृषि मशीनरी पर अनुदान एवं सिंचाई संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. रविंद्र कुमार ने मृदा एवं सिंचाई जल की जांच के महत्व, डॉ. ब्रजमोहन ने उचित समय पर कृषि कार्य करने तथा डॉ. अमित कुमार ने पारंपरिक एवं पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डा. आकांक्षा सिंह, डा. अमिता यादव एवं डा. आलोक ने किया।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान संजय सिंह, अनीता देवी, कृषि संकाय के नाबार्ड के डीडीएम अभिषेक शुक्ला, कृषि विज्ञान केंद्र, मथुरा के प्रमुख डा. वाईके शर्मा, उद्यान वैज्ञानिक डा. ब्रजमोहन, डा. अमित कुमार, डा. अमिता यादव, डा. प्रदीप जोलिया, डा. आकांक्षा सिंह, डा. आलोक, डा. अमित एवं डा. विपलव चंद्र सरकार सहित अन्य शिक्षक एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

