- 12 इनोवेटिव प्रोजेक्ट के साथ 35 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, टीम धृतम को बेस्ट एआई-बेस्ड इनोवेटिव प्रोजेक्ट अवार्ड और टीम अल्फा को स्पेशल ज्यूरी च्वाइस अवार्ड
दैनिक उजाला, मथुरा : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और इनोवेशन का शानदार प्रदर्शन करते हुए आगरा में आयोजित एआई फ्यूचर रेडी कॉन्क्लेव 2026 में दो प्रतिष्ठित अवार्ड हासिल कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
सीसीएलए द्वारा एसोचैम और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव में जीएलए विश्वविद्यालय के 35 विद्यार्थियों ने 12 इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए। इनमें टीम धृतम ने गोल्ड यानी प्रथम स्थान हासिल करने के साथ बेस्ट एआई-बेस्ड इनोवेटिव प्रोजेक्ट अवार्ड प्राप्त किया, जबकि टीम अल्फा को ऑटोनॉमस क्वांट इंजन फॉर फाइनेंशियल ट्रेडिंग प्रोजेक्ट के लिए स्पेशल ज्यूरी च्वाइस अवार्ड से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर एक साथ दो प्रतिष्ठित अवार्ड हासिल करना जीएलए के विद्यार्थियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
टीम धृतम द्वारा तैयार मेंटल हेल्थटेक वेलनेस वियरेबल डिवाइस ने गोल्ड हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रोजेक्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वियरेबल तकनीक के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी जरूरतों के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करने का प्रयास किया गया है। वहीं टीम अल्फा के ऑटोनॉमस क्वांट इंजन फॉर फाइनेंशियल ट्रेडिंग प्रोजेक्ट को स्पेशल ज्यूरी च्वाइस अवार्ड मिला। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटिटेटिव तकनीक का वित्तीय क्षेत्र में उपयोग प्रदर्शित किया गया। कॉन्क्लेव में जीएलए के विद्यार्थियों ने वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर आधारित अपने विभिन्न प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिन्हें विशेषज्ञों और निर्णायक मंडल ने सराहा।
कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इनोवेशन प्रदर्शनी का भ्रमण किया और जीएलए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित प्रोजेक्ट देखे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके इनोवेशन की जानकारी ली तथा उनके प्रयासों और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता की सराहना की। जितिन प्रसाद ने विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट प्रस्ताव मंत्रालय में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि आवश्यक सहयोग के माध्यम से इन इनोवेशन को आगे विकसित कर बाजार के लिए तैयार समाधान में बदला जा सके। उन्होंने युवा पीढ़ी को देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली शक्ति बताते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
इस उपलब्धि के पीछे जीएलए विश्वविद्यालय में तैयार किया गया मजबूत इनोवेशन और स्टार्टअप वातावरण भी महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय का टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर विद्यार्थियों को उनके इनोवेटिव आइडिया को आगे बढ़ाने, स्टार्टअप की दिशा में काम करने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराता है। विश्वविद्यालय में रिसर्च लैब के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीकों से जुड़े शोध एवं प्रयोग के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। जीएलए विश्वविद्यालय देश का पहला माइक्रोसॉफ्ट जेनएआई और गूगल एजेंटिक एआई कैंपस है, जहां विद्यार्थियों को जेनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के साथ सीखने और काम करने का अवसर मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों की समझ विकसित करने के साथ ही वास्तविक समस्याओं के लिए आधुनिक समाधान तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है।
जीएलए विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के वाईस प्रेसीडेंट रविकुमार तिवारी और तकनीकी प्रशिक्षक डॉ. सायंतन सिन्हा को दो दिवसीय कॉन्क्लेव में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने उभरती तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन तथा युवा इनोवेटर्स और उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर अपने विचार साझा किए। जीएलए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल में दीपक शर्मा, प्रबंधक-टीबीआई, जीतेंद्र शर्मा, समन्वयक-टीबीआई तथा दीपांश गोयल, कार्यक्रम प्रबंधक-सीएसईडी भी शामिल रहे। उन्होंने पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी और समन्वय में सहयोग किया।
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ इनोवेशन, रिसर्च, स्टार्टअप और उभरती तकनीकों पर लगातार विशेष फोकस किया जा रहा है। विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें रिसर्च लैब, टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर और अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से अपने आइडिया को प्रोजेक्ट और आगे चलकर स्टार्टअप में बदलने के अवसर दिए जा रहे हैं। एआई फ्यूचर रेडी कॉन्क्लेव में टीम धृतम और टीम अल्फा की सफलता इसी वातावरण का परिणाम है।
जीएलए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि आधुनिक तकनीक, रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप को शिक्षा से जोड़कर युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर के मंच पर 12 इनोवेटिव प्रोजेक्ट के साथ 35 विद्यार्थियों की भागीदारी, टीम धृतम का गोल्ड और बेस्ट एआई-बेस्ड इनोवेटिव प्रोजेक्ट अवार्ड तथा टीम अल्फा का स्पेशल ज्यूरी च्वाइस अवार्ड जीएलए विश्वविद्यालय की बढ़ती तकनीकी और इनोवेशन क्षमता को नई पहचान देता है।

