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जीएलए के फार्मेसी विभाग में आयोजित हुई अन्तरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस

  • जीएलएः अन्तरराष्ट्रीय कॉफ्रेंस में पहुंचे देश-विदेश के विषय-विशेषज्ञ और शोधार्थी

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के फार्मेसी विभाग में दो दिवसीय चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें न केवल भारत के अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी कई विषय-विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया।

‘इनोवेशन इन केमिकल बायोलॉजीकल एंड फार्मास्युटिकल साइंसेज‘ विषय पर आयोजित डीएसटी सर्ब स्पॉन्सॉर्ड अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डिपार्टमेंट ऑफ़ केमिस्ट्री, मेडिकल कैंप यूनिवर्सिटी सोफिया, बुल्गारिया से डा. एरियाना कोस्टावा, डा. करुप्पैया कन्नन (डेवलपमेंट ऑफिसर, वेल थेरैप्यूटिक्स इंस्टिट्यूट न्यूटन यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका), विशिष्ट अतिथि सेज यूनिवर्सिटी के ऑफिसिएटिंग वाइस चांसलर डा. नीरज उपमन्यु, जीएलए के प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, फार्मेसी विभाग के निदेशक प्रो. अरोकिया बाबू एवं विभागाध्यक्ष मीनाक्षी बाजपेई तथा अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती एवं स्व. श्री गणेश श्री लाल अग्रवाल जी के चित्रपट के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।

आए हुए विशेष अतिथि प्रो. उपमन्यु ने कहा कि यदि इनोवेशन को वैज्ञानिक तरीके से करें तो वह रिसर्च बन जाती है। डा. एरियाना ने मुख्य अतिथि संबोधन में जीएलए विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के कन्वेनर प्रो. बाबू के प्रति आभार प्रकट किया। साथ ही विशेष आलेख किया कि प्रो. सुभाष त्रिपाठी के कारण ही इस संगोष्ठी में उपस्थित होने का अवसर मिला।

प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कल्पनाशीलता, रचनात्मक और नवाचार के बीच अंतर संबंधों को बहुत तार्किक ढंग से परिभाषित किया। प्रो. अरोकिया बाबू ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय “इनोवेशन इन केमिकल बायोलॉजिकल एंड फार्मास्युटिकल साइंस” के विषय में अवगत कराया। डा. करुप्पैया कन्नन ने अपने शोध के बारे में बताया और कहा कि निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है।

इसी प्रकार अन्य वक़्ता इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, न्यू दिल्ली के डा. आरोकिया अरुलंदु, जीएलए बायोटेक से प्रो. अंजना गोयल, यूसीएसआई यूनिवर्सिटी लंपुर, मलेशिया से डा. माय चुन वाई ने अपने विषय पर व्याख़्यान दिया। सेंटर फ़ॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली से डॉ नीतू सिंह, डिवीज़न ऑफ़ फार्मास्यूटिकल एंड फार्माकोकॉइनेटिक्स सीएसआईआर, सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ के प्रमुख वैज्ञानिक डा. प्रभात रंजन मिश्रा, सीमेप लखनऊ से डा. करुना शंकर, नाईपर कोलकाता फार्मेसी संस्थान से प्रो. सुब्रामणिअन नाटेसन एवं प्रो. संजय जाचक, आईआईटी दिल्ली डॉ रवि सिंह ने अपने रिसर्च लेब्स में चल रहीं रिसर्च के विषय में बताया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. शिवा पांडा के नेतृत्व में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन पोस्टर एवं ओरल प्रेज़ेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग कर अपने शोध कार्यों का प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अंत में प्रो. अरोकिया बाबू एवं मीनाक्षी बाजपेई ने आए हुए मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देते हुए उनका आभार प्रकट किया तथा विजेता छात्रों को ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। आईसीबीपीएस 24 के संयोजक डॉ. कमल शाह ने द्वि-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का संक्षेप वर्णन किया और बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जामिया हमदर्द, न्यू दिल्ली, गौतम इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, हिल्स कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, जेएसएस एकेडमी ऑफ़ एजूकेशन, डॉ हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी-सागर, दादा साहब बोल पांडे कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी- नागपुर, बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, पीएसआईटी- कानपुर, आदि कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। अंत में आईसीबीपीएस 24 के संयोजक डा. जितेंद्र गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। मंच का संचालन डा. सोनिया सिंह, डा. पूर्णिमा अग्रवाल एवं डा. नीतू अग्रवाल ने किया।

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