अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे।
ट्रम्प के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी ईरान से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से समझौते पर दस्तखत किए। समझौते का ऐलान भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह 5:30 किया गया। इसके साथ ही शांति समझौता लागू हो गया।
इस समझौते के तहत ईरान में युद्ध खत्म होगा और लेबनान में भी संघर्ष खत्म किया जाएगा। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने की बात कही गई है।
इस शांति समझौते पर 19 जून को स्विटजरलैंड में जेनेवा के पास लूसर्न शहर में साइन होने थे, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही फ्रांस के ऐतिहासिक वर्साय पैलेस में इस पर दस्तखत कर दिए गए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पीस डील पर दस्तखत करते हुए। उनके बगल में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीछे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो खड़े हैं।

पीस डील पर साइन करने के बाद ट्रम्प ने हाथों से ऊपर-नीचे का इशारा किया। इस दौरान मैक्रों ताली बजाते नजर आए।

फ्रांस में ट्रम्प के पीस डील पर साइन करने के बाद ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने इस पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दस्तखत किए।

पीस डील के दस्तावेज पर नीचे की ओर पजशकियान और ट्रम्प, दोनों के हस्ताक्षर नजर आ रहे हैं।
1. ट्रम्प बोले- अमेरिका के टारगेट पूरे, उम्मीद से ज्यादा हासिल किया
ट्रम्प के मुताबिक, युद्ध खत्म करना, होर्मुज को खोलना और ईरान को परमाणु हथियार से रोकना उनका लक्ष्य था, जो पूरा हो गया है।
2. डील नहीं मानने पर बम बरसाने की चेतावनी
ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया, तो उस पर फिर से बमबारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।
3. चीन बोला- दोनों पक्ष समझौते का पूरी तरह पालन करें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि सभी पक्षों को युद्धविराम का सम्मान करना चाहिए। चीन ने ईरान और लेबनान को मानवीय सहायता देने का भी ऐलान किया।
4. जेडी वेंस बोले- ईरान को अमेरिका का एक डॉलर भी नहीं मिलेगा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि 300 अरब डॉलर के पैकेज की खबरें भ्रामक हैं। अगर ईरान शर्तें मानता है तो दूसरे देश निवेश कर सकते हैं, लेकिन अमेरिका पैसा नहीं देगा।
5. ट्रम्प बोले- UAE ने भी ईरान पर बम बरसाए
ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल था। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान UAE की ओर से भी बमबारी की गई थी।
ईरानी संसद के स्पीकर बोले- होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लेंगे

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि बाद में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स लिया जाएगा।
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच हुई पीस डील में कहा गया है कि फिलहाल 60 दिनों तक जहाजों से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा।
सरकारी टीवी को दिए इंटरव्यू में गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज की स्थिति युद्ध से पहले जैसी नहीं रहेगी। इस पर ईरान का अधिकार है और वहां दी जाने वाली सेवाओं के लिए टैक्स लेना स्वाभाविक है।

