कुआलालंपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 8 साल बाद मलेशिया दौरे पर पहुंचे। मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम उन्हें एयरपोर्ट पर अपनी कार से रिसीव किया। इसके बाद पीएम मोदी कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे हैं।
यहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने आए। वे मुझे अपनी कार से यहां लाए। इतना ही नहीं, उन्होंने मुझे अपनी सीट पर भी बैठाया। मैंने कहा कि यह खास सम्मान भारत और भारतीय समुदाय के प्रति उनके प्यार और सम्मान को दिखाता है।
मोदी ने कहा-

मैंने कहा कि पिछले साल मैं आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ सका था, लेकिन मैंने अपने दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द मलेशिया आऊंगा। आज मैं अपना वादा निभाने आया हूं। साल 2026 में यह मेरी पहली विदेश यात्रा है।

मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम, पीएम मोदी को रिसीव करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे।

पीएम मोदी और मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम एक ही कार से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
मलेशिया के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे PM मोदी
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देश यह देखेंगे कि भारत और मलेशिया के बीच बनी ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में अब तक कितना डेवलपमेंट हुआ है और आगे क्या किया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
पी. कुमरन ने बताया कि दोनों देश रेलवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, नवीकरणीय ऊर्जा और दूसरे सहयोग के क्षेत्रों पर भी काम करने की सोच रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की संख्या बढ़ाने और मलेशिया में थिरुवल्लुवर सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज खोलने पर विचार हो रहा है।
मलेशिया में 29 लाख भारतीय रहते हैं
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और मलेशिया के रिश्ते बहुत पुराने हैं और इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में रहने वाले भारतीयों का इतिहास भी काफी पुराना है और उन्होंने भारत के आजादी के आंदोलन में भी भूमिका निभाई थी।
विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि भारत और मलेशिया आपसी व्यापार को बैलेंस करने और लंबे समय तक आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए भारत-मलेशिया ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन एग्रीमेंट’ की समीक्षा की जा रही है।

