जयपुर : जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारे गए हैं। इसके बाद पार्टी के समर्थकों ने थप्पड़ मारने वाले दोनों युवकों को पकड़कर पीट दिया।
अभिजीत नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग शहीद स्मारक पर जुटे थे।
इससे पहले यहां नारेबाजी करते समय युवक आपस में भिड़ गए। इस पर पुलिस ने एक युवक को कस्टडी में ले लिया। धरनास्थल से कई प्रदर्शनकारियों के मोबाइल चोरी हो गए। इसके बाद मंच से लोगों को अपने मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए कहा गया।
युवा अपने ‘हाथों में मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है’, ‘पेपर लीक बंद करो’ नारे लिखे पोस्टर और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर पहुंचे हैं। कुछ महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर प्रदर्शन में आई हैं।
प्रदर्शन में जुटे युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। इससे पहले पार्टी के वॉलंटियर्स ने शहीद स्मारक के गेट पर कॉकरोच का स्केच बनाया। साथ ही ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ का स्लोगन भी लिखा।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मारे। इसके बाद समर्थकों ने युवकों को पकड़कर पीट दिया।

प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते समय कुछ युवक आपस में भिड़ गए। इस पर पुलिस ने 1 युवक को कस्टडी लिया।

प्रदर्शन में युवाओं से तिरंगा, बुक और फूल लेकर आने की अपील की गई थी। कई युवक संविधान की किताब लेकर पहुंचे।

प्रदर्शन में युवा हाथों में ‘मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है’ नारा लिखा पोस्टर लेकर पहुंचा।

CJP के बैनर तले शहीद स्मारक में जुटे युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर निर्भया स्क्वॉड, RAC और जयपुर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

CJP के वॉलंटियर्स ने शहीद स्मारक के गेट पर कॉकरोच का स्केच बनाया।

इस दौरान वॉलंटियर्स ने ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ का स्लोगन भी लिखा।

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रविवार रात को जयपुर पहुंच गए थे।
ये एक संगठन नहीं, छात्रों-अभिभावकों की लड़ाई है CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया- यह केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्थाएं, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का विरोध है।

