अलीगढ़ : असम विमान हादसे में शहीद हुए यूपी के जवान जितेंद्र शर्मा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव अलीगढ़ लाया जा रहा है। देर शाम तक पहुंचने की संभावना है। घर से 200 मीटर दूर खेत में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इधर, जितेंद्र के भाई रमाकांत ने 50 घंटे बाद 72 साल की बूढ़ी मां को बताया कि उनका बेटा शहीद हो गया है। यह सुनते ही मां दहाड़ें मारकर रोने लगीं।
रोते हुए बोलीं- “अरे मेरे लाल, मेरे फौजी जीतू… तू कहां चला गया बेटा। एक बार आ जा, तेरी मां तेरा इंतजार कर रही है। तेरी आवाज सुनने को तरस गई हूं बेटा… एक बार आ जा।”
मां अपने बेटे का पार्थिव शरीर नहीं देख पाएंगी, क्योंकि जितेंद्र का ताबूत नहीं खोला जाएगा। बताया जा रहा कि हादसे में शव पूरी तरह जल गया था। माना जा रहा है कि इसी वजह से अफसरों ने परिवार से ताबूत न खोलने के लिए कहा है। सीओ संजीव कुमार तोमर ने भी बताया कि शहीद के ताबूत को नहीं खोला जाएगा।
गांव में “शहीद जितेंद्र शर्मा अमर रहें” के जयकारे गूंज रहे हैं। जगह-जगह बैनर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इनमें लिखा है- ‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।’
दरअसल, शनिवार सुबह करीब 10 बजे भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एयरफोर्स के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा समेत 5 जवानों की मौत हो गई थी।

जितेंद्र शर्मा एयरफोर्स में सार्जेंट थे। वह 11 साल पहले भर्ती हुए थे।
11 साल पहले एयरफोर्स में भर्ती हुए थे जितेंद्र शर्मा
- अलीगढ़ के गांव सालपुर निवासी जितेंद्र शर्मा सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। परिवार में उनकी मां राजेश्वरी देवी और दो बड़े भाई रमाकांत व भूपेंद्र साथ रहते हैं। उनका चयन 1 जनवरी 2015 को भारतीय वायुसेना में हुआ था। करीब 11 वर्षों तक उन्होंने देश की सेवा की। उन्होंने टप्पल क्षेत्र के डीआरजी इंटर कॉलेज, धनीपुरा कुराना से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी।
- इसके बाद अलीगढ़ में कोचिंग कर भारतीय वायुसेना में चयनित हुए थे। जितेंद्र के पिता कालीचरण उर्फ करुआ शर्मा का करीब 12 वर्ष पहले निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद मां राजेश्वरी देवी ने ही सभी बच्चों का पालन-पोषण किया। परिजन ने बताया कि जितेंद्र हाल ही में छुट्टी पर गांव आए थे और 5 जून को ड्यूटी पर लौटे थे।
- घर में उनकी शादी की तैयारियों को लेकर भी चर्चा चल रही थी। उन्होंने विवाह के लिए एक लड़की भी देखी थी और परिवार जल्द ही शादी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने वाला था। लेकिन इससे पहले ही हादसे में उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

