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हमीरपुर में यमुना में पलटी नाव, बारिश के बीच रेस्क्यू:5 शव मिले, एक बच्चा लापता; मां रोते हुए बोली- साहब, मेरा बच्चा ले आइए

हमीरपुर : हमीरपुर में बुधवार शाम को यमुना नदी में नाव पलट गई। नाव में 8 बच्चों समेत 9 लोग सवार थे। नाविक ने 3 को बचा लिया, लेकिन एक महिला और 5 बच्चे यानी 6 लोग डूब गए। गुरुवार दोपहर तक 5 शव बरामद किए जा चुके हैं। बारिश के बीच एक बच्चे की तलाश के लिए यमुना में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी के 100 जवानों की टीम रेस्क्यू में जुटी है।

अधिकारियों का कहना है कि नदी काफी गहरी होने की वजह से गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। इस वजह से नावों को गोल-गोल पानी में घुमाया जा रहा है, ताकि अगर कोई नीचे दबा हो तो पानी के प्रेशर से बाहर आ जाए।

थोड़ी देर में टीम नदी में जाल डालकर बच्चे को तलाशने की कोशिश करेगी। डूबे बच्चे के मां-बाप और परिवार के लोग घाट किनारे बैठे हैं। एक बच्चे की मां अफसरों के सामने हाथ जोड़कर बोली- साहब, मेरा बच्चा ले आइए।

हादसा बुधवार शाम 6 बजे का है। आंधी-बारिश की वजह से रात 11 बजे रेस्क्यू रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 नाव से रेस्क्यू शुरू किया गया। 3 घंटे बाद सुबह 9 से 10 बजे के बीच में 3 और दोपहर एक बजे 2 शव बरामद हुए।

ये शव ब्रजरानी (25), अर्चना (14), रानी (9), लव्यांश (5) और आकांक्षा (9) के हैं। 11 साल का आदित्य अब भी लापता है। हादसास्थल जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर कुरारा थाना क्षेत्र में हुआ। सभी बच्चे नाव पर सवार होकर नदी के पार एक टापू पर खरबूजा-ककड़ी खाने गए थे। लौटते समय नदी के बीच नाव पलट गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें-

बेटी का शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की मां को परिवार ढांढस बंधा रहे हैं।

बेटी का शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की मां को परिवार ढांढस बंधा रहे हैं।

हादसे के करीब 15 घंटे बाद एक महिला का शव बरामद किया गया। इसके बाद 2 बच्चियों के शव भी मिले। 3 बच्चे अब भी लापता हैं।

हादसे के करीब 15 घंटे बाद एक महिला का शव बरामद किया गया। इसके बाद 2 बच्चियों के शव भी मिले। 3 बच्चे अब भी लापता हैं।

रेस्क्यू के दौरान लापता बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रेस्क्यू में लगे लोगों के सामने हाथ जोड़कर बच्चों को बचा लाने की गुहार लगाती रही।

रेस्क्यू के दौरान लापता बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रेस्क्यू में लगे लोगों के सामने हाथ जोड़कर बच्चों को बचा लाने की गुहार लगाती रही।

नदी से बरामद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

नदी से बरामद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

नदी के किनारे घाट पर लापता लोगों के परिजन डेरा डाले हुए हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

नदी के किनारे घाट पर लापता लोगों के परिजन डेरा डाले हुए हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

बच्चे की तलाश में NDRF, SDRF की टीमें रेस्क्यू में लगी हुई हैं।

बच्चे की तलाश में NDRF, SDRF की टीमें रेस्क्यू में लगी हुई हैं।

  • मामला कुरारा थाना क्षेत्र के भौली ग्राम पंचायत के मजरा कुतुबपुर पटिया का है। यह गांव यमुना नदी के किनारे बसा है। गांव निवासी श्रीपाल की बेटी की मंगलवार (5 मई) को शादी थी। बुधवार (6 मई) को विदाई के बाद शाम करीब 6 बजे रिश्तेदारी में आए नाविक धीरू समेत 10 लोग नाव से यमुना पार चले गए। वहां पर सभी ने खरबूजा और ककड़ी खाई।
  • फिर सभी नाव से लौट रहे थे। लेकिन, यमुना नदी में अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और पलट गई। नाव धीरू चला रहा था। उसने विष्णु, रिंकू और पारुल को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन दुल्हन की मौसेरी बहन आकांक्षा (9), चचेरी बहन रानी (9), अर्चना (14), मौसी ब्रजरानी (25), मौसेरा भाई लव्यांश (5) और बुआ का बेटा आदित्य (11) डूब गए।

6 में से पांच शव बरामद

नाव हादसे में लापता छह लोगों में से पांच के शव बरामद कर लिए गए हैं। दुल्हन अंजनी की 25 वर्षीय मौसी ब्रजरानी, बुआ की बेटी 14 वर्षीय अर्चना, मौसी की बेटी 12 वर्षीय आकांक्षा, मौसेरे भाई लाव्यांश और 9 वर्षीय चचेरी बहन रानी के शव मिल चुके हैं। जबकि दुल्हन की बुआ का बेटा आदित्य अभी भी लापता है। उसकी तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

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