लखनऊ : लखनऊ में बुधवार को लगी आग में 2 मासूम जिंदा जल गए। झोपड़ियों में रहने वाले करीब 250 परिवार बेघर हो गए। DCP दीक्षा शर्मा ने कहा- मासूमों के परिजनों की पहचान कराई जा रही है।
घटनास्थल पर आज यानी गुरुवार सुबह सिर्फ राख और जल चुके गृहस्थी के सामान नजर आ रहे हैं। कई परिवार राख के बीच सामान तलाश रहे हैं। हालांकि, पुलिस वहां से लोगों को हटा रही है।
डीएम ने कई प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों में भिजवाया था तो कुछ परिवारों ने पास के खाली प्लॉट में रात बिताई। महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि कोठीवालों ने उनके घरों में आग लगाई। उन्हें धमकाया गया था कि झोपड़ियां हटा लो, नहीं तो गोली मार दी जाएगी। जब वे नहीं हटे, तो उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी गई। अब वे कहां जाएं?
जिंदगीभर की कमाई राख हो गई। अगर समय पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच जाती, तो कुछ सामान बच सकता था। फिलहाल, विकासनगर इलाके में बवाल की आशंका को देखते हुए सुबह फोर्स बढ़ा दी गई है। पुलिस के जवान हेलमेट और डंडों के साथ तैनात हैं।

गुरुवार सुबह प्रभावित लोग झोपड़ियों वाली जगह पर पहुंचे। आग से बचा सामान तलाश रहे हैं।

झोपड़ी वाली जगह पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुकी है। सामान का सिर्फ ढांचा ही बचा है।

अग्निकांड वाली जगह के बगल के प्लॉट पर कई प्रभावित परिवार रातभर रुके।

विकासनगर में घटनास्थल के पास सुबह कई प्रभावित प्रदर्शन करने जा रहे थे। इसके चलते फोर्स बढ़ा दी गई।

जली झोपड़ियों की तस्वीर

आग से प्रभावित लोग अगली सुबह गुरुवार को अपनी झोपड़ियां देखने पहुंच गए। महिलाएं रोते हुए कहती रहीं कि उनके घरों को जानबूझकर आग लगाई गई है।
पूरा मामला
- राजधानी के पॉश इलाकों में से एक विकासनगर में बुधवार शाम करीब 5.30 बजे लगी आग में 30 से ज्यादा सिलेंडर फटे। आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किमी. दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। आग लगने के बाद एहतियातन आसपास के 20 मकानों को खाली कराया गया।
- फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की बिजली काट दी गई। लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीएम विशाख जी. को फोन कर घटना की जानकारी ली। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

