करछना : प्रयागराज की रहने वाली सत्या की उम्र महज 4 साल है। लेकिन उसमें गजब की प्रतिभा है। उसने 21 मिनट 28 सेकंड में 900 मीटर लंबी यमुना को तैरकर पार कर लिया। सत्या कहती है- मुझे पानी से बिल्कुल भी डर नहीं लगता। तैरना मुझे बहुत पसंद है। सत्या रोजाना 2 से 3 घंटे तक यमुना नदी में प्रैक्टिस करती है। पढ़ाई भी करती है। माता-पिता अपनी बेटी को एक बेहतरीन तैराक बनाना चाहता है। मां शिवानी का सपना है कि उनकी बेटी एक दिन नेशनल स्तर की तैराक बने, इसलिए वे भी उसे पूरा सहयोग दे रही हैं।
सत्या की इस उपलब्धि का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उसकी हिम्मत और जज्बे की जमकर सराहना कर रहे हैं। बच्ची के कोच के साथ उसके माता-पिता खासा उत्साहित हैं।
त्रिभुवन निषाद सिखा रहे तैराकी
सत्या, देवेंद्र कुमार की बेटी है और वह पिछले कुछ समय से अपने कोच त्रिभुवन निषाद से नियमित रूप से तैराकी का प्रशिक्षण ले रही है। कोच के अनुसार, सत्या में बचपन से ही सीखने की ललक, अनुशासन और आत्मविश्वास दिखाई देता है।
जिस उम्र में बच्चे सामान्य खेलों से परिचित होते हैं, उस उम्र में सत्या ने यमुना जैसी विशाल नदी को पार कर यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले मजबूत हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो उम्र कभी भी सफलता में बाधा नहीं बनती। सत्या भारती आज न केवल प्रयागराज बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
प्रदेश और देश के लिए उम्मीद
कोच के मुताबिक अगर सत्या को और बेहतर कोचिंग मिले तो वो प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उधर सत्या का यमुना पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है। लोग उसकी खूब तारीफ़ और हिम्मत बढ़ा रहे हैं। लोग उसके हौसले को सही मंजिल तक ले जाने की अपील कर रहे हैं।

