दैनिक उजाला, मथुरा : उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता और तकनीकी दक्षता का परचम लहराता जीएलए विश्वविद्यालय एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है, क्योंकि कदम-कदम पर मेहनत रंग लाती है, काबिलियत ही मंज़िल तक पहुंचाती है। इसी वाक्य को सिद्ध करते हुए विश्वविद्यालय के बीटेक कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (बैच 2026) के आगरा निवासी छात्र पियूष वर्मा को विश्व की अग्रणी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 60 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्ति का ऑफर दिया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय, ब्रज क्षेत्र और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है।

पियूष वर्मा ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट में तीन माह की इंटर्नशिप पूरी की थी। इस दौरान उन्होंने दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य करते हुए अपनी तकनीकी दक्षता, समस्या-समाधान की क्षमता और नवीन सोच का प्रदर्शन किया। इंटर्नशिप के दौरान दिखाए गए उनके प्रदर्शन ने कंपनी को इतना प्रभावित किया कि उनकी प्रतिभा और क्वालिटी को देखते हुए उन्हें सीधे उच्च पैकेज पर स्थायी नियुक्ति प्रदान की है।
जीएलए विश्वविद्यालय सदैव अपने छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए पूर्ण रूप से तैयार करता है। यहां शिक्षा व्यवस्था प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग, रिसर्च-ओरिएंटेड टीचिंग और इंडस्ट्री-कनेक्ट पर आधारित है। कम्प्यूटर साइंस विभाग में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कम्प्यूटिंग, ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी जैसी उभरती तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, हैकाथॉन, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और इनोवेशन लैब्स में विद्यार्थियों को लगातार प्रयोग करने और नई तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि जीएलए के छात्र न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था और फैकल्टी के समर्पण का परिणाम
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह उपलब्धि जीएलए की शिक्षा व्यवस्था और फैकल्टी के समर्पण का परिणाम है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने पूर्व में भी गूगल, अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में स्थान प्राप्त किया है, जो संस्थान की गुणवत्ता और उद्योगोन्मुखी दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रमाण है।
आइईटी के डीन प्रो. अशोक भंसाली ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। यहां का पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण इंडस्ट्री की आवश्यकताओं से जोड़ा गया है, ताकि विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से भी दक्ष बनें। पियूष वर्मा जैसे छात्र हमारी शिक्षा प्रणाली और फैकल्टी के मार्गदर्शन की सफलता के प्रतीक हैं।
कम्प्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डा. संदीप राठौर ने कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज और उद्योग की आवश्यकताओं से मेल खाती हो। विभाग में छात्रों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, इनोवेशन लैब्स और रिसर्च अवसरों से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थी माइक्रोसॉफ्ट जैसी विश्व स्तरीय कंपनियों में चयनित हो रहे हैं। पियूष वर्मा का यह चयन न केवल उनके परिश्रम का परिणाम है, बल्कि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल का भी प्रमाण है।

