नई दिल्ली/एवियन (फ्रांस) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट के पहले दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया। आउटरीच सेशन में मोदी ने कहा- कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
मोदी ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।
सेशन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे और पीएम मोदी के पास ही बैठे थे। वहीं, आज शाम 6:30 बजे मोदी-ट्रम्प की द्विपक्षीय मीटिंग होगी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने’ के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित किया।

G7 नेताओं के साथ ग्रुप फोटो खिंचाने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प पीएम मोदी का हाथ पकड़े रहे।
मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में शामिल हुए
पीएम मोदी जिस सेशन में शामिल हुए वह हाई लेवल वर्किंग सेशन था। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में G7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
यूएई, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ भी बैठकें
G7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने यूएई, केन्या, मिस्र, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं के साथ बैठकें कीं। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, रणनीतिक साझेदारी और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
यूएई के राष्ट्रपति के साथ बैठक में दोनों देशों के मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने पर बात हुई और पीएम मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए यूएई सरकार का आभार जताया।
केन्या के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में उन्होंने दोनों देशों को ‘ग्लोबल साउथ’ का पुराना साझेदार बताया, जबकि जापान की प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश और फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स (भविष्य की तकनीक) में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। मिस्र के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान भी दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को दोहराया गया।

