नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और 5 अन्य के खिलाफ संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत खारिज कर दी।
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला किसी FIR नहीं, बल्कि CrPC की धारा 200 के तहत एक व्यक्ति की निजी शिकायत पर आधारित है। इसलिए ED की ओर से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दायर शिकायत विचार योग्य नहीं है।
नेशनल हेराल्ड मामला BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी की एक शिकायत से जुड़ा है। स्वामी ने सोनिया, राहुल और अन्य कांग्रेस नेताओं पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) कंपनी की ₹2,000 करोड़ की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। इस मामले में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी भी आरोपी है।

ED ने जून 2022 में नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी से लगातार 5 दिनों तक लगभग 50 घंटे पूछताछ की थी।
कोर्ट ने कहा- फैसला देना जल्दबाजी और गलत होगा
राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है। ऐसे में ED की दलीलों पर फैसला देना जल्दबाजी और गलत होगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और ED ने कहा है कि मामले में जांच जारी है, इसलिए ED चाहे तो मामले में आगे की दलीलें पेश कर सकती है।
क्या है नेशनल हेराल्ड केस
BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था।
आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया।
स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया।
सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है।
कांग्रेस बोली- सत्य की जीत, मोदी सरकार का पर्दाफाश हुआ
कांग्रेस ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य की विजय हुई है। मोदी सरकार की दुर्भावना और गैरकानूनी गतिविधियों का पर्दाफाश हो गया है। कांग्रेस सच और नागरिकों के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी और किसी भी तरह के दबाव से पीछे नहीं हटेगी।
पार्टी ने आगे कहा- कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि न तो मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला बनता है, न अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का कोई सबूत है और न ही संपत्ति के किसी लेन-देन का प्रमाण। ये आरोप निराधार थे, जिन्हें राजनीतिक दबाव, बदनाम करने की कोशिश और प्रचार अभियान के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
साल 2022 : सोनिया-राहुल से घंटों पूछताछ हुई थी
नेशनल हेराल्ड मामले में ED ने साल 2022 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अपने दफ्तर कई बार बुलाकर पूछताछ की है। ED ने 13 जून 2022 से 17 जून 2022 तक राहुल से लगातार 5 दिनों तक, कई चरणों में करीब 50 घंटे पूछताछ की थी।
सोनिया गांधी से 21 जुलाई 2022 से पूछताछ शुरू हुई। 3 दिन के दौरा, कई चरणों में 12 घंटे पूछताछ हुई थी। ED ने इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए।

