दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीला से नारंगी किए जाने पर विवाद गहरा गया है। अब हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने जर्सी का रंग बदलने पर फेडरेशन के अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा है।
टिर्की का आरोप है कि यह फैसला उन्हें और एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बिना मंजूरी के बिना लिया गया। ओडिशा सरकार ने भी टिर्की से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
हाल ही में हॉकी इंडिया ने अगले महीने होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च की। इसके बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और हॉकी से जुड़े लोगों ने इस बदलाव पर सवाल उठाए।
हॉकी इंडिया ने कहा था- जर्सी के नए रंग के लिए अफसरों से सलाह ली
हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को भारतीय टीम की नारंगी रंग की नई जर्सी लॉन्च की। जर्सी का नीला रंग बदले जाने के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और हॉकी से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया था।
इस पर हॉकी इंडिया ने गुरुवार को कहा कि इस पर खिलाड़ियों और फेडरेशन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह ली गई थी। हालांकि विवाद तब और बढ़ गया, जब यह दावा सामने आया कि इस फैसले में खिलाड़ियों और अधिकारियों से सलाह नहीं ली गई।
30 जुलाई को टिर्की बोले- टेक्निकल वजह से कलर बदला
जर्सी लॉन्च होने के बाद गुरुवार को टिर्की ने बदलाव का बचाव किया था। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की थी। टिर्की के मुताबिक, जर्सी का रंग बदलने का फैसला पूरी तरह ‘टेक्निकल’ है।
उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी अब नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेली जाती है। ऐसे में मैदान और जर्सी दोनों के नीले होने से तेज खेल के दौरान खिलाड़ियों को अपने साथी खिलाड़ियों और गेंद को पहचानने में परेशानी हो सकती है।
खिलाड़ियों से सलाह लेने पर भी सवाल
विवाद के बीच शुक्रवार को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भारतीय टीम के एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया कि जर्सी में बदलाव को लेकर खिलाड़ियों से न तो राय ली गई और न ही सलाह मांगी गई।
हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने भी दावा किया कि उन्हें जर्सी में बदलाव की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे ऐसी किसी आधिकारिक बैठक का हिस्सा नहीं रहे, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हुई हो।
भास्करन बोले- नई जर्सी देखकर कोई प्रेरणा नहीं मिल रही
जर्सी के रंग को लेकर कई पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए थे। 1980 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान वासुदेवन भास्करन ने भी नाराजगी जताई थी।
रासकिन्हा ने लिखा- टीम को भगवा रंग क्यों पहनाया
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि टीम को भगवा रंग पहनाया जाना शर्मनाक है।
प्रियंका गांधी ने भी नई जर्सी आलोचना की
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से नारंगी किए जाने की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि देश की पहचान अहिंसा, सत्य और भाईचारे जैसे मूल्यों से जुड़ी है और इन्हें बदला नहीं जा सकता।
भारत ने 1975 में वर्ल्ड कप जीता था
FIH मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट का 16वां एडिशन होगा। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) की ओर से आयोजित यह टूर्नामेंट 14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम के वावरे और नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेला जाएगा।
भारत ने अपना आखिरी और इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप खिताब 1975 में जीता था। टीम करीब 50 साल बाद फिर से वर्ल्ड चैंपिंयन बनने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी।

