लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी दौरे के दौरान रुद्राक्ष सेंटर पर वन वर्ड टीबी समिट का शुभारंभ किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोई भी टीबी मरीज इलाज से छूटे नहीं। इसके लिए हमने नई रणनीति पर काम किया। टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए, उनके ट्रीटमेंट के लिए, हमने उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा है। टीबी की मुफ्त जांच के लिए हमने देशभर में लैब्स की संख्या बढ़ाई है।
इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी रुद्राक्ष से जन सभा स्थल से निकलकर सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान में जन सभा को सम्बोधित करने पहुंचे हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब वर्ष 2025 तक टीबी खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। टीबी खत्म करने का ग्लोबल टार्गेट वर्ष 2030 है लेकिन भारत वर्ष 2025 तक टीबी खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। आज भारत में TB के मरीजों की संख्या कम हो रही है। कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर को टीबी मुक्त अवार्ड से सम्मानित किया गया है। मैं इस सफलता को प्राप्त करने वाले लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साल 2014 के बाद से भारत ने जिस नई सोच और अप्रोच के साथ टीबी के खिलाफ काम करना शुरू किया, वो वाकई अभूतपूर्व है। भारत के ये प्रयास पूरे विश्व को इसलिए भी जानने चाहिए, क्योंकि ये टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का एक नया मॉडल है।
काशी नगरी हजारों वर्षों से मानवता के प्रयासों और परिश्रम की साक्षी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी नगरी वे शाश्वत धारा है। जो हजारों वर्षों से मानवता के प्रयासों और परिश्रम की साक्षी रही है। काशी इस बात की गवाही देती है कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो। जब सबका प्रयास होता है तो नया रास्ता भी निकलता है। मुझे विश्वास है कि टीबी जैसी बीमारी के खिलाफ हमारे वैश्विक संकल्प को काशी एक नई ऊर्जा देगी।

