Breaking
Sat. Jun 20th, 2026

दोस्ती, छुरेबाजी और नसीहत! सीएम योगी ने खींच दी यूपी चुनाव की लकीर, अपराध पर जीरो टॉलरेंस

  • गाजियाबाद में बकरीद के मौके पर एक हिंदू युवक सूर्या चौहान की बेरहमी से हत्या और उसके बाद शुरू हुई पुलिस कार्रवाई पर विधानसभा चुनाव की बिसात बिछती दिख रही है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होना है। लखनऊ के सियासी गलियारों और मीडिया बंधुओं के बीच इसे समय से कुछ महीने पहले करवाए जाने की अटकलबाजियां भी चलने लगी हैं। इन सबके बीच गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में सूर्या चौहान हत्याकांड के आरोपियों पर जिस तरह से यूपी पुलिस ने कार्रवाई की है और कर रही है, वह प्रदेश में चुनावी टोन सेट करने का एक बड़ा आधार बनता दिख रहा है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे भारत में अपनी छवि अपराध से मुक्ति दिलाने वाले सीएम के तौर पर बनाई है। यह सिर्फ कहने की बात नहीं है, पिछले 9 वर्षों से ज्यादा के उनके शासन काल में जिस तरह से दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है, वह आम जनता को पसंद आता है, यह कहने में निष्पक्ष से निष्पक्ष व्यक्ति को भी कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। गाजियाबाद का सूर्या चौहान हत्याकांड उसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है।

अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस बड़ा एजेंडा

  • सूर्या चौहान की बेरहमी से हत्या के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया।
  • इस हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने की भी तैयारी है।
  • यूपी में अपराधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई हाल के वर्षों में नई नहीं है।
  • लेकिन, सूर्या चौहान का कत्ल और उसके कातिल दोस्त का त्वरित एनकाउंटर कई मायनों में इस संवेदनशील राज्य के लिए अहम है।
  • असद पर आरोप था कि उसने अपने दोस्त को बकरीद के मौके पर मिलने के लिए बुलाया और उसी की बकरे की तरह कुर्बानी दे दी।
  • यह घटना सिर्फ हृदयविदारक नहीं है, इंसानियत की दुनिया के लिए बहुत ही असमान्य और रूह कंपा देने वाला हत्याकांड है।
  • फिर भी समाज का एक वर्ग इस एनकाउंटर पर सवाल उठाने की कोशिश से बाज नहीं आ रहा और इसी के चलते यह मसला बहुत बड़ा चुनावी एजेंडा बनता दिख रहा है।

‘दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं’

सोमवार (1 जून,2026) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में इस मुद्दे को उठाते हुए एक बार फिर से, लेकिन बहुत ही कड़े अंजाद में चेतावनी दे दी है। मुख्यमंत्री ने ऐसे जघन्य अपराध और उन्हें अंजाम देने वाले अपराधियों से दो टूक कह दिया है- ‘दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं।…जो अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, वह गलती कर रहा है।’

एनकाउंटर पर सवाल तो किसे फायदा

सूर्या चौहान एक हिंदू युवक था। आरोप है कि उसके मुस्लिम दोस्त असद ने बकरीद के दिन बेरहमी से तड़पा-तड़पा कर मार डाल और वह भी बकरे की कुर्बानी दिखाने के नाम पर। यह भी आरोप है कि ऐसे हत्यारे के एनकाउंटर पर इसीलिए सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि वह मुस्लिम था। ऐसे में यूं कह लें कि बीजेपी को उसी के पिच पर ऐसे बॉल फेंके जा रहे हैं, जिन्हें बाउंडरी के बाहर पहुंचाने में उसे महारत हासिल है।

बंगाल और असम में बीजेपी को मिला लाभ

बीजेपी अभी-अभी असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव जीती है। बहुत ही शानदार तरीके से जीती है। वहां भी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से जमकर हिंदू-मुस्लिम को मुद्दा बनाया गया। फायदे में बीजेपी रही। फिर भी वहां एक मुस्लिम विधायक ने बकरीद के मौके पर गाय को लेकर भड़काऊ बयान दिया और उसकी सियासी तपिश यूपी में शुरू हो गई।

‘गोमाता राष्ट्रमाता हैं.. आक्रांता हमें न बताए’

बकरीद से पहले यूपी में कुछ मुसलमानों ने यह बयान देना शुरू कर दिया कि अगर गौहत्या हिंदुओं की आस्था पर हमला है तो इसे रोकने के लिए इसे राष्ट्रीय पशु क्यों नहीं घोषित कर दिया जाता। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसपर भी अपनी लाइन स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा-

मौलवी-मौलाना हमें न बताएं, गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है, गाय को पशु बोलने वाले मौलानाओं की बुद्धि पशु वाली…।

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

गोमाता राष्ट्रमाता हैं…। कोई आक्रांता हमें न बताए, हमारे संस्कार हैं कि हमने गाय व गंगा को माता माना है।

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

भड़काऊ टिप्पणी करने वालों को चेतावनी

यूपी में कुछ मुस्लिम नेताओं ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी का सख्त विरोध किया, लेकिन फिर भी कुछ सोशल मीडिया हैंडलों से माहौल बिगाड़ने की भरपूर कोशिशें की गईं। इसको लेकर योगी आदित्यनाथ ने मौलानाओं से कहा, ‘गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगी।’

कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरना मुश्किल

  • सीएम योगी से लाइन मिलते ही डीजीपी राजीव कृष्ण ने भी अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कहकर स्पष्ट कर दिया कि किसी भी तरह के अपराधियों से पुलिस आगे कैसे निपटने वाली है। अगर इस नीति को 2027 के विधानसभा चुनाव के नजरिए से देखें तो-
  • बीजेपी अपने हिंदुत्व के एजेंडे पर रत्ती भर समझौता नहीं करने जा रही।
  • सीएम योगी की सरकार की जो अपराध-विरोधी छवि बनी हुई है, उससे पार्टी टस से मस नहीं होगी।
  • कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के लिए सरकार को घेरना बहुत ही मुश्किल होगा, जो कि आम जनता की प्राथमिकताओं में सबसे आगे है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *