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58 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने के बाद भी शुद्ध है गंगा जल, इस वैज्ञानिक का बड़ा दावा

प्रयागराज-महाकुंभ : महाकुंभ की शुरुआत के बाद से यहां पर आस्था का सैलाब उमड़ गया। यहां हर दिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे है। बृहस्पतिवार को शाम आठ बजे तक 1.28 करोड़ श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान के साथ ही स्नान करने वालों की कुल संख्या 58 करोड़ से ज्यादा हो गई। इतने लोगों के स्नान के बाद भी गंगा जल की शुद्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। एक वैज्ञानिक का दावा है कि गंगा जल अल्कलाइन वाटर से भी बेहतर है।

जल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को किया झूठा साबित
बता दें कि मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम के साथ वैज्ञानिक विमर्श करने वाले पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सोनकर ने अपनी प्रयोगशाला में यह सिद्ध कर दिया है कि गंगा का जल न केवल स्नान योग्य है, बल्कि अल्कलाइन वाटर जैसा शुद्ध है। गंगा नदी के जल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को देश के शीर्ष वैज्ञानिक ने प्रयोगशाला में झूठा साबित किया है।

गंगा जल लेकर प्रयोगशाला में जांचने की दी खुली चुनौती
वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सोनकर ने अपने सामने गंगा जल लेकर प्रयोगशाला में जांचने की खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा, जिसे हो जरा भी संदेह, मेरे सामने गंगा जल लें और प्रयोगशाला में जांचकर संतुष्ट हो जाएं। मोती उगाने की दुनिया में जापानी वर्चस्व को चुनौती देने वाले वैज्ञानिक ने संगम-अरैल समेत एक दो नहीं बल्कि 05 घाटों से गंगा जल कलेक्ट कर जांच की है। शोध में साबित हो गया कि गंगा जल सबसे शुद्ध, यहां नहाने से कोई नुकसान नहीं हो सकता। बैक्टीरियोफेज के कारण गंगा जल की अद्भुत स्वच्छता क्षमता हर तरह से बरकरार है। 

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