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जीएलए के छात्रों ने जाने शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के गुर

  • जीएलए यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी द्वारा फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर के सहयोग से हुआ कार्यशाला का आयोजन

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के पुस्तकालय विभाग द्वारा फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर के सहयोग से जर्नल्स की गुणवत्ता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बेहतर गुणवत्ता वाले शोध पत्र कैसे लिखें के बारे में शिक्षक और छात्रों ने एब्सको के ट्रेनर से जानकारी ली।

आयोजन का शुभारंभ सर्वप्रथम सरस्वती वंदना और स्वर्गीय गणेशी लाल अग्रवाल जी के चित्रपट पर माल्यार्पण के साथ किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कृषि विभाग के डीन प्रो. सुरेन्दर सिंह सिवाच, पुस्तकालयध्यक्ष डा. राजेश कुमार एवं आमंत्रित अतिथि आनंद वाजपेयी, अविनाश चौधरी, एब्सको मौजूद रहे। आयोजन में पधारे एब्सको से आनंद वाजपेयी का स्वागत प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने एवं अविनाश चौधरी का प्रो. सुरेन्द्र सिंह सिवाच द्वारा पटुका पहनाकर किया गया।

प्रो. सुरेंद्र सिवाच ने कार्यशाला में पधारे सभी रिसर्च छात्र और फैकल्टी को स्वागत संबोधन दिया। प्रो. अनूप गुप्ता ने रिसर्च की दुनिया में लाइब्रेरी के महत्व पर प्रकाश डाला। उपपुस्कालयअध्यक्ष शिव सिंह ने लाइब्रेरी वेब पेज के बारे में कार्यशाला में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि आज के आधुनिक दौर में जीएलए लाइब्रेरी द्वारा तैयार वेब पेज से एक क्लिक में सारी जानकारी एकत्रित की जा सकती है। तदोपरांत पुस्तकालयअध्यक्ष राजेश भारद्वाज ने शोधार्थियों को एंटी प्लेगेरिज्म और टर्नइटइन टूल्स के इस्तेमाल की जानकारी दी।

एब्सको से ट्रेनर अविनाश चौधरी ने बताया कि एब्सको जो कि एक विश्वसनीय शोध सामग्री के लिए अच्छा स्रोत है। उन्होंने एब्सको एग्रीकल्चर एवं एकेडमिक ई-बुक कलेक्षन में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले जर्नल्स एवं ई-बुक के बारे में विस्तार से बताया और कैसे इन संसाधनों का पूरा साहित्य अपने कम्प्यूटर से सर्च करना और कैसे डाउनलोड कर सकते हैं के बारे में बताया। उन्होंने ऑनलाइन डाटाबेस की अनेक विशेषताओं के बारे में जानकारी दी, जो कि एक कुशल शोधार्थी के लिए आवश्यक हैं और उसकी शोध क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शोध पत्र की अधिक गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक हैं।

एब्सको एग्रीकल्चर एवं एकेडमिक ई जर्नल डाटाबेस, अनुसंधान एवं शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से उपयोग किए जाते हैं। इन संसाधनों को अधिक से अधिक उपयोग करना और छात्रों की षैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाना बहुत आवश्यक है। जीएलए विश्वविद्यालय के पुस्तकालय ने इसी ध्येय को पूरा करने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया। पुस्तकालय गुणवत्तापूर्ण सामिग्री और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से अनुसंधान और परिणामों को बेहतर बनाने के लिए अपने छात्रों एवं अनुसंधानकर्ताओं के लिए विभिन्न संगठनों के साथ साझेदारी करता है।
कार्यषाला के अंत में छात्रों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया, जिसमें प्रथम द्वितीय और तृतीय आधार पर पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यशाला का समापन उपपुस्तकालयअध्यक्ष के धन्यवाद संबोधन से हुआ। कार्यशाला में करीब 200 छात्र एवं शोधार्थिओं ने भाग लिया।

कार्यशाला के दौरान पुस्तकालय विभाग के सभी सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।

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