मथुरा: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के 39 प्रोफेसर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर की वर्ष 2026 की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं। पिछले वर्ष यह संख्या 29 थी, जो इस बार बढ़कर 39 हो गई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में शोध, वैज्ञानिक नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की इस सूची में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार, डॉ. मानवेंद्र वर्मा, डॉ. सर्मिष्ठा साहा, डॉ. अनिरुद्ध प्रधान, डॉ. दिनेश चंद्र मौर्य, डॉ. कमल शर्मा, डॉ. साइबल रे, डॉ. रूबी सिंह, डॉ. गौरव बथला, डॉ. धीरेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. पंकज गर्ग, डॉ. अहसास गोयल, डॉ. अनुजा भार्गव, डॉ. अंजन कुमार, डॉ. अनुकूल वैष्णव, डॉ. अमन शर्मा, डॉ. एस. आर. कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. जीतेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. नीतू अग्रवाल, डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, डॉ. ऋषभ चतुर्वेदी, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. सुजीत कुमार वर्मा, डॉ. हितेंद्र गर्ग, डॉ. सौरभ के. गुप्ता, डॉ. भरत सिंह, डॉ. सिवा प्रसाद पांडा, डॉ. सोनिया सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अमित दास, डॉ. अंजना गोयल, डॉ. कमल शाह, डॉ. शिव बहादुर, डॉ. अनुज गर्ग, डॉ. रीना गुप्ता, डॉ. दीपंकर बिस्वास और डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने में सफलता हासिल की है।
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय के 39 प्रोफेसरों का विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि प्रोफेसरों की मेहनत, शोध के प्रति समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. विवेक अग्रवाल ने कहा कि प्रोफेसरों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की मजबूत शोध संस्कृति और अकादमिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान से संस्थान की प्रतिष्ठा को बल मिलता है। उन्होंने सभी चयनित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शोध और नवाचार को प्रोत्साहन देना विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। प्रोफेसरों की यह सफलता अन्य संकाय सदस्यों और शोधार्थियों को भी बेहतर अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
डीन एकेडमिक प्रो. आशीष शर्मा ने कहा कि प्रोफेसरों की यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शोध के बीच मजबूत संबंध को दर्शाती है। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में मदद मिलेगी। डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान प्रोफेसरों के शोध योगदान और वैज्ञानिक नवाचार की महत्ता को रेखांकित करती है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
जीएलए में स्काईलाइट्स का रंगारंग आयोजन
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यालय छात्र कल्याण के सहयोग से दो दिवसीय सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उत्सव ‘स्काईलाइट्स 26’ का आयोजन किया गया। दीपावली के उल्लास और ‘स्काई फुल ऑफ लाइट्स, हार्ट्स फुल ऑफ जॉय’ थीम पर आधारित इस आयोजन में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
उत्सव के पहले दिन ‘दृश्य’ चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा और कल्पनाशीलता प्रदर्शित की। वहीं, दूसरे दिन ‘संस्कृति’ सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत, नृत्य एवं विभिन्न प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसी दिन ‘फेस्टिव फ्यूजन’ पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार देवोलिया, सह-विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष शुक्ला और डॉ. सचिन गोयल सहित विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को रचनात्मकता, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

