मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन डेवियाथॉन 2.0 का भव्य शुभारंभ हुआ। 31 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 48 घंटे के ऑफलाइन हैकाथॉन में देशभर से आए युवा टेक्नोक्रेट वास्तविक समस्याओं पर आधारित प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स के समाधान विकसित करेंगे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने, नवाचार को बढ़ावा देने और उद्योग की चुनौतियों के अनुरूप प्रभावी समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उद्घाटन समारोह में मेरिडियन के सीईओ शंकर कम्बम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। हैकाथॉन युवाओं को अपने विचारों को वास्तविक प्रोटोटाइप में बदलने और टीमवर्क के साथ नई संभावनाएं तलाशने का अवसर प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों को इस मंच का उपयोग सीखने, प्रयोग करने और नवाचार के माध्यम से समाज एवं उद्योग की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए करना चाहिए।
उद्योग जगत से एक्सेंचर के एआई लीड एवं क्लाउड आर्किटेक्ट सत्यम मिश्रा, मेरिडियन के एसोसिएट प्रोजेक्ट इंजीनियर (एआई) उदय गुप्ता और वनबैंक के प्रोडक्ट डिजाइनर किसलय चौहान ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त, क्लिमा, सर्वपूजा और वेबपी के संस्थापक प्रभजोत सिद्धू की उपस्थिति ने विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं तकनीकी नवाचार के विविध आयामों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
डेवियाथॉन 2.0 के अंतर्गत प्रतिभागी अगले 48 घंटों तक अपनी टीमों के साथ कोडिंग, विचार-विमर्श और प्रोटोटाइप निर्माण में जुटेंगे। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सामाजिक प्रभाव, राष्ट्रीय आवश्यकताओं और भविष्य की डिजिटल तकनीकों से जुड़े विभिन्न प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर काम करते हुए व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान विकसित करेंगे। प्रतियोगिता में पांच लाख रुपये से अधिक का प्राइज पूल रखा गया है। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को इंटर्नशिप और प्री-प्लेसमेंट ऑफर (पीपीओ) प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे।
डेवियाथॉन 2.0 विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और टीमवर्क का प्रदर्शन करने के साथ-साथ नए विचारों को वास्तविक समाधानों में बदलने का मंच प्रदान कर रहा है। उद्योग विशेषज्ञों, तकनीकी पेशेवरों और विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता से प्रतिभागियों को अपने विचारों को बेहतर बनाने और उद्योग की अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा। आगामी 48 घंटों में विकसित होने वाले तकनीकी समाधान और प्रतिभागियों का प्रदर्शन इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस अवसर पर चांसलर के सलाहकार डा. प्रमोद जोशी, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. विष्णु दत्त शर्मा सहित कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशंस (सीईए) के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप राठौर, कंप्यूटर एप्लीकेशंस के विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित अग्रवाल तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव बाथला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

