- एलआईसी (LIC) ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए जानकारी में बताया कि उसे डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स, मुंबई द्वारा 806 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस भेजा गया है
दैनिक उजाला, बिज़नेस डेस्क : साल के दूसरे दिन जैसे ही देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) से जुड़ी खबर सामने आई कंपनी के शेयर भरभराकर नीचे गिर गए। दरअसल, भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग को बताया गया कि फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के लिए कथित तौर पर उसे करीब 806 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है। इसके बाद मंगलवार को बाजार खुलते ही LIC Share में गिरावट शुरू हो गई और ये करीब 2 फीसदी तक फिसल गया। हालांकि कंपनी ने इसे देने से इंकार करने के साथ ही नोटिस के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।
बता दें कि एलआईसी (LIC) ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए जानकारी में बताया कि उसे डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स, मुंबई द्वारा 806 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस भेजा गया है। इसमें 365.02 करोड़ रुपये जीएसटी और 404.7 करोड़ रुपये जुर्माने के साथ ही 36.5 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है। कंपनी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के नॉन रिवर्सल नियमों के उल्लंघन का आरोप है। नोटिस के मुताबिक, कंपनी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के नॉन रिवर्सल नियमों के उल्लंघन का आरोप है।
LIC की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया है कि इस जीएसटी नोटिस के खिलाफ कंपनी अपील दाखिल करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, कंपनी की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि इस नोटिस की वजह से एलआईसी की वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ा रहा है। लेकिन एक ओर कंपनी सबकुछ ठीक होने का दावा कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर LIC Share में गिरावट भी शुरू हो गई है।
जीएसटी नोटिस मिलने की खबर का तत्काल असर एलआईसी के शेयरों पर देखने को मिला है। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार में गिरावट के बीच एलआईसी के शेयर भी लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। कंपनी का शेयर मार्केट ओपन होने के साथ सुबह 9.15 बजे पर 853.80 रुपये के लेवल पर खुला था और एक घंटे के कारोबार के दौरान ही ये फिसलकर 839 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। 5.34 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी खबर लिखे जाने तक 1.75 फीसदी फिसलकर 843.75 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे।
कंपनी की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है इस नोटिस की वजह से एलआईसी की वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ा रहा है। हालांकि पॉलिसी धारकों पर इसका क्या असर पड़ेगा इसके बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

