- विश्व हिंदू परिषद की देश में बड़ी पहल की है, ब्राह्मणों के अलावा अन्य जाति के लोग भी पूजा पाठ करा सकते हैं
दैनिक उजाला, डेस्क : अब ब्राह्मणों के अलावा अन्य जाति के लोग भी पूजा पाठ का कार्य करा सकते हैं, वह पुजारी बन सकते हैं। इसकी पहल विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से की है। ब्राह्मणों के अलावा अन्य जाति के लोगों को भी पुरोहित किस तरीके से बना जाता है, पूजा पाठ किस तरीके से कराया जाता है, वास्तु पूजन किस तरीके से कराया जाता है, विवाह कैसे होता है, हवन कैसे कराया जाता है, इन तमाम बातों का प्रशिक्षण दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद की तरफ से देश में पहली बार पुरोहित प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन संभाजी नगर में 10 दिनों के लिए किया गया है। इस बात की जानकारी विश्व हिंदू परिषद के मंदिर,मठ,अर्चक, पुरोहित संपर्क आयाम के क्षेत्र प्रमुख अनिल सांबरे ने दी है।
क्या थी प्रशिक्षण वर्ग की खास बात?
विश्व हिंदू परिषद के अनिल सांबरे ने बताया कि इस प्रशिक्षण वर्ग में 24 लोग शामिल हुए, जिनमें से मात्र 8 लोग ब्राह्मण जाति थे। बाकी अन्य जातियों के लोग ब्राह्मण प्रशिक्षण वर्ग में शामिल हुए। यदि इनकी एजुकेशन की बातचीत की जाए तो दसवीं पास 3 लोग थे, 11वीं पास 1, 12वीं पास 5 लोग थे, ग्रैजुएट पास 7, पोस्ट ग्रेजुएट पास 5, डिप्लोमा धारी 1 व्यक्ति इस वर्ग में शामिल हुए। विश्व हिंदू परिषद विश्व हिंदू परिषद के महाराष्ट्र में पुजारी प्रशिक्षण शिविर में शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब, ओबीसी एवं ब्राह्मणों को पुजारी बनने का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया?
विश्व हिंदू परिषद के अनिल सांबरे ने इंडिया टीवी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुरोहित प्रशिक्षण वर्ग में यह प्रशिक्षण दिया गया कि पूजा पाठ की विधि किस तरीके की होती है, पुरोहितों का पहनाव कैसा हो, उनके विचार कैसे हो, श्लोक का उच्चारण कैसे हो, ब्राह्मणों की दिनचर्या कैसी हो। इन तमाम बातों का प्रशिक्षण दिया गया है।
क्यों शुरू की गई ये पहल?
विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कर गांव में हिंदू संस्कृति के अनुसार विभिन्न अनुष्ठान करने के लिए पुरोहितों की उपलब्धता काफी कम हो गई है। प्रशिक्षित पुजारी गांव में जाकर पूजा अर्चना करवाएंगे, इससे समाज में सद्भावना पैदा करने में मदद मिलेगी। हिंदू समाज की 9 से 10 जातियां इस वर्ग में शामिल होने के लिए पहुंची थी। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी ने कहा कि सभी जातियों का इस तरह के वर्ग में स्वागत है और सभी जातियों के लोग इसमें शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इस प्रशिक्षण शिविर के बाद महाराष्ट्र के अलग-अलग कोने से यह मांग आने लगी है कि उनके यहां भी इसी तरीके का प्रशिक्षण वर्ग शुरू किया जाए। नागपुर, अमरावती, कोंकण, कोल्हापुर इन तमाम जगहों पर भी विश्व हिंदू परिषद ये पहल शुरू करने जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि भारत के अन्य राज्यों में भी विश्व हिंदू परिषद इस तरीके की पहल कर सकता है।
विश्व हिंदू परिषद के अनिल सांबरे ने बताया कि हो सकता है कि ब्राह्मण समाज नाराज हो सकता है। उनकी गलतफहमियों के कारण उन्हें ऐसा लग सकता है। लेकिन आज पुरोहित वर्ग जो है उसकी संख्या इतनी कम है कि वह पूरे हिंदू समाज की जरूरत को पुरा नहीं कर सकता। नागपुर में पुरोहित नहीं मिलते , गणेश पूजा के दौरान नागपुर में यह अवस्था है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में क्या होगा। कई ऐसे गांव हैं जहां पर पुरोहित तो छोड़िए ब्राह्मण ही नहीं हैं।

