मथुरा : दिल्ली में होटल में आग लगने की घटना के बाद मथुरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, अग्निशमन विभाग और पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के होटल और गेस्ट हाउसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान 33 होटल और गेस्ट हाउसों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 6 संस्थान सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्र, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह और पर्यटन विभाग की टीम ने धौलीप्याऊ, मयूर विहार और मालगोदाम रोड क्षेत्र में स्थित होटल और गेस्ट हाउसों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही होटल संचालकों में हड़कंप मच गया।

धौलीप्याऊ, मयूर विहार और मालगोदाम रोड के होटल और गेस्ट हॉउस की जांच करते अधिकारी
फायर सेफ्टी से लेकर सीसीटीवी तक की जांच
निरीक्षण के दौरान टीम ने फायर फाइटिंग उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन निर्माण मानकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। इसके अलावा सराय एक्ट के तहत पंजीकरण, अग्निशमन विभाग की एनओसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति और स्वीकृत मानचित्रों का भी सत्यापन किया गया।
टीम ने आगंतुक रजिस्टर में पहचान पत्र के साथ प्रविष्टियों, सीसीटीवी कैमरों और विद्युत सुरक्षा मानकों का भी निरीक्षण किया।

जांच अधिकारियों ने रजिस्टर,सीसीटीवी कैमरे और फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की
6 होटल और गेस्ट हाउस मिले मानक विहीन
जांच के दौरान कई जगह गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आवश्यक अनुमतियों के अभाव में 6 होटल और गेस्ट हाउस पूरी तरह मानक विहीन पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें बंद करने के निर्देश जारी कर दिए।
सुरक्षा से समझौता नहीं
नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्र ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी होटल या गेस्ट हाउस को सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध और असुरक्षित तरीके से संचालित संस्थानों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

