मेरठ : ‘अब्बू मुझे बचा लो अब्बू, ये पता नहीं मुझे कहां ले जाएंगे, अब्बू मुझे बचा लो..15 साल के उवैश की जिंदगी के ये आखिरी शब्द हैं।’ ये शब्द उवैश के परिवार के लिए बेटे की अंतिम निशानी है।
मोबाइल में उवैश की मां इन शब्दों को बार-बार सुनती हैं। सुबकने लगती है। मेरठ के नबावगढ़ी में 9 जुलाई को उवैश की उसके पड़ोसी असद ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या से पहले असद ने उवैश का ये वॉयस मैसेज रिकार्ड कर उसके परिवार को भेजकर फिरौती के 5 लाख रुपए मांगे थे।
मैसेज सुनकर चीखती, चिल्लाती है मां
‘उवैश के परिवार के पास से ये वॉइस मैसेज इकलौते बेटे की आखिरी निशानी है। इसी मैसेज में वो अपने बेटे की आवाज को बार बार सुन सकती है।
मां इमराना को पता है कि अब बेटा कभी नहीं लौटेगा। उसके कान अपने लाड़ले बेटे की आवाज कभी नहीं सुन सकेंगे। अगर वो उसे सुनना चाहे तो केवल ये मार्मिक मैसेज ही सुन सकती है। जिसमें बेटा दर्द से कराह रहा है।
इमराना दिन में कम से कम 15 से 20 बार ये मैसेज सुनती है। उसके पास जो भी रिश्तेदार, महिलाएं मिलने आती हैं वो उन्हें ये मैसेज सुनाकर रोने लगती है।
कभी मोबाइल पर हाथ फेरती है तो कभी मोबाइल में बेटे की तस्वीर देखकर उसे चूमती है। कहती है ये देखो बाजी मेरा बेटा हंस रहा है। मेरा बेटा बोल रहा है। फिर जोर से रोने लगती है। क्योंकि उसे पता है कि उसका बेटा अब कभी नहीं लौटेगा।’
इमराना कहती है ये वो आखिरी बोल हैं जो मेरे बेटे की जुबान से निकले। उस दरिंदे ने पता नहीं कितनी बेरहमी से मेरे बेटे को मारा होगा। मेरे उवैश को कितना दर्द दिया होगा। वो रोया होगा, चिल्लाया होगा लेकिन इसे उसकी कोई चीख सुनाई नहीं दी। जो वो दरिंदा मेरे बेटे को छोड़ देता।

इसी कमरे में उवैश की लाश मिली थी। इसके बाद लोगों की भीड़ लग गई थी।
6 सेकेंड की रिकार्डिंग में मांगी जान की भीख
उवैश का यह आखिरी मैसेज है। जिसमें वो बार-बार अपनी जान की भीख मांग रहा है। वो गुहार लगा रहा है कि अब्बू मुझे बचा लो, अब्बू मुझे बचा लो।
इस मैसेज को सुनकर ही उवैश का पिता शकील पिघल गया। उसे लगा कि बेटे की जान खतरे में हैं। वो 5 लाख रुपयों को अरेंज करने में लग गए।
लेकिन, आरोपी ने कहा कि पहले 5 हजार रुपए क्यूआर कोड पर ट्रांसफर करो बाद में दूसरा क्यूआर कोड दूंगा उसमें और पैसे देना।
बहनें भी भाई की आवाज सुनकर रोती हैं
उवैश की मां ही नहीं उसकी बहनें भी भइया की आवाज सुनने को बेकरार हैं। उन्हें जब भाई की याद आती है वो मोबाइल में ये मैसेज चलाकर सुन लेती हैं।
कहती हैं हमारा छोटा भइया था। बहुत लाड़ला था, हम खुश थे कि हमारे भी कोई भाई है। लेकिन अब हम क्या करें, इसी मोबाइल में उसकी आवाज सुन लेते हैं।
मैसेज रिकार्ड करने के बाद की हत्या
उवैश के मोबाइल नंबर से आरोपी असद ने ये वॉयस मैसेज उसके घरवालों को भेजा। असद ने उवैश की हत्या करने से पहले यह मैसेज रिकार्ड किया। असद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने रिकार्डिंग करने के बाद उवैश की गला घोंटकर हत्या कर दी।
बेटे के नंबर से पिता को भेजा मैसेज
असद ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के बाद उवैश के मोबाइल की सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में डाल ली। फिर उवैश का मोबाइल तोड़कर फेंक दिया।
इसके बाद उसने यह मैसेज उवैश के पिता शकील को भेजकर लिखा कि 5 लाख रुपए भेज दो तो बेटे को छोड़ देंगे। अगर पैसे नहीं दिए तो लड़का मारा जाएगा।

