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अमेरिका की धमकी के बाद ईरान पीछे हटा:ईरानी विदेश मंत्री बोले- कोई फांसी नहीं; ट्रम्प का दावा- प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुकीं

वॉशिंगटन डीसी/तेहरान : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकियों के बाद ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देने के फैसले से पीछे हट गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने बुधवार को कहा कि ईरान की ओर से लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है।

विदेश मंत्री ने फॉक्स न्यूज के ‘स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बेयर’ कार्यक्रम में दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘फांसी देने की कोई योजना नहीं है। फांसी का तो सवाल ही नहीं उठता।’ वहीं, बुधवार को ट्रम्प ने भी बताया कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं।

इससे पहले ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर तेज ट्रायल और जल्दी से फांसी देने का ऐलान किया था। ईरान बुधवार को 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को फांसी देने वाला था। इस फैसले के बाद ट्रम्प ने ईरान को कड़ा जवाब देने की धमकी दी थी। ट्रम्प ने कहा , ‘अगर वे फांसी देते हैं, तो आप कुछ भयानक देखेंगे।’

तेहरान में 14 जनवरी को ईरानी छात्रों के एक समूह ने अमेरिकी ध्वज को जला दिया।

तेहरान में 14 जनवरी को ईरानी छात्रों के एक समूह ने अमेरिकी ध्वज को जला दिया।

ईरान ने राष्ट्रपति ट्रम्प को जान से मारने की धमकी दी थी

ईरान ने सरकारी टीवी चैनल पर राष्ट्रपति ट्रम्प को जान से मारने की धमकी जारी की थी। AFP की रिपोर्ट के मुताबिक धमकी पर्शियन में थी। इस धमकी में पेंसिल्वेनिया के बटलर में 2024 में टम्प पर हुए जानलेवा हमले की फुटेज दिखाई गई। जिसके साथ एक संदेश था ‘इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी’।

यह ट्रम्प के खिलाफ तेहरान की अब तक की सबसे सीधी धमकी है, इससे पहले ट्रम्प ने ही बार-बार ईरान सरकार को धमकी दी है कि अगर वह विरोधी प्रदर्शनकारियों पर अपनी क्रूर कार्रवाई जारी रखती है तो अमेरिका उस पर हमला करेगा।

2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान थॉमस क्रूक्स ने ट्रम्प पर गोली चलाई थी, जो उनके कान को छूकर निकली थी।

2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान थॉमस क्रूक्स ने ट्रम्प पर गोली चलाई थी, जो उनके कान को छूकर निकली थी।

ट्रम्प बोले- प्रिंस रजा पहलवी अच्छे लगते हैं

ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि ईरानी विपक्षी नेता रजा पहलवी उन्हें काफी अच्छे लगते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर अनिश्चितता जताई कि उन्हें ईरान के भीतर समर्थन मिल पाएगा और वे नेतृत्व संभाल पाएंगे।

रॉयटर्स के अनुसार, ट्रम्प ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वे अपने देश में कैसे व्यवहार करेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि स्थिति अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची है। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ईरानी पहलवी के नेतृत्व को स्वीकार करेंगे या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा, “अगर वे स्वीकार करते हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी।”

ईरान ने नो फ्लाई जोन घोषित किया था

अमेरिका के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शनों और तनाव के बीच ईरान ने बुधवार को 2 घंटे के लिए अधिकांश उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था।

फ्लाइटराडार24 के अनुसार, तेहरान ने बुधवार शाम 5 बजे के तुरंत बाद नोटिस टु एयर मिशन्स (नोटम) चेतावनी जारी की और ईरान से आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को छोड़कर सभी उड़ानों पर रोक लगा दी।

यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाया गया जब अमेरिका ने कतर स्थित अपने ठिकानों से कुछ कर्मियों को वापस बुलाना शुरू कर दिया। ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर वॉशिंगटन हमला करता है तो वह अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा।

इंडिगो, लुफ्थांसा और एयरोफ्लोट सहित कई एयरलाइंस प्रभावित हुईं और क्षेत्र में बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के बीच कई एयरलाइंस ने ईरानी हवाई क्षेत्र से बचने का फैसला किया।

इंडिगो ने कहा कि ईरान के अचानक हवाई क्षेत्र बंद करने के कारण उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। वहीं, एयर इंडिया ने कहा कि ईरान में उत्पन्न स्थिति के कारण, एयर इंडिया की जो उड़ानें आमतौर पर इस क्षेत्र से होकर गुजरती हैं, वे अब दूसरे रास्तों का उपयोग कर रही हैं, जिससे देरी हो सकती है।

भारत ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी

भारत सरकार ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया है कि जो भी भारतीय नागरिक, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यापारी हों या पर्यटक, इस समय ईरान में हैं, उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकल जाना चाहिए। ईरान में अभी 10 हजार से ज्यादा भारतीय हैं।

इस एडवाइजरी में कहा गया है कि यह सलाह 5 जनवरी की पिछली एडवाइजरी के आगे की कड़ी है और ईरान की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए दी गई है। सरकार ने यह भी दोहराया है कि सभी भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना चाहिए।

ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर रखें ताकि किसी भी नई जानकारी से अवगत रहें। वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर को बुधवार देर शाम ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर ईरान से जुड़े हालातों पर बात की।

भारत के अलावा स्पेन, इटली और पोलैंड की सरकारों ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।

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