अयोध्या : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सोमवार दोपहर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया- नई SIT बना दी गई है। IG किरण एस इसे लीड कर रहे हैं। टीम में एक डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भी शामिल हैं।
चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा- क्या चोरी की जांच कर रही एसआईटी की इस नई टीम को हर चीज का एक्सेस होगा? इसपर तुषार मेहता ने हामी भरी।
दोपहर करीब 3:30 बजे सुनवाई के दौरान CJI ने कहा- हम इस जांच को बंद नहीं कर रहे हैं। चोरी के इस मामले में और भी सुधार के कदम उठाने होंगे। SIT में फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करिए। ऑडिटर वित्तीय अपराधों का पता लगाने के लिए खातों और रिकॉर्ड्स की जांच करेगा।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है। SIT को निर्देश दिया है कि वह दो हफ्ते के भीतर अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। अब अगली सुनवाई में कोर्ट इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा। कोर्ट ने 20 जुलाई को यूपी सरकार को नए सिरे से विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया था और अब तक हुई जांच की रिपोर्ट मांगी थी।
एडवोकेट की सलाह- वेबसाइट पर मिले दान का विवरण
सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने कहा- लाखों श्रद्धालु 500, 1000 या अन्य छोटी-बड़ी राशि श्रद्धा से दान करते हैं। अगर वह धन ट्रस्ट तक नहीं पहुंच रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट को प्राप्त होने वाले दान का विवरण सार्वजनिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि दानदाता यह देख सकें कि उनकी राशि सुरक्षित रूप से ट्रस्ट तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह किसी पक्ष के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास है।
पहले विजय विश्वास पंत की SIT ने जांच की थी
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे थे, जिसमें आईजी लखनऊ रेंज बतौर सदस्य शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देशों के बाद अब नई SIT बनाकर IG लखनऊ रेंज किरण एस को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि, अयोध्या के DIG सोमेन वर्मा और अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर को इसका सदस्य नियुक्त किया गया है।
एडवोकेट कामत बोले- ट्रस्ट की बेवसाइट पर दिखना चाहिए दान का विवरण
सीनियर वकील देवदत्त कामत: लोगों ने 500 या 1000 रुपये दिए हैं। आखिरकार, वह पैसा ट्रस्ट तक नहीं पहुंचा। ट्रस्ट को जो भी मिला है, उसे वेबसाइट पर दिखाया जा सकता है ताकि लोगों को पता चल सके कि उनका पैसा पहुँच गया है। यह कोई टकराव वाला मामला नहीं है।
CJI: अभी आप सभी मुद्दों को नोट कर लें। अभी हमारा पूरा ध्यान जांच पर है। जांच तेज़ और अच्छी गुणवत्ता वाली होनी चाहिए। हम उनसे रिपोर्ट सौंपने के लिए कह रहे हैं। बाकी चीज़ों पर हम बाद में फ़ैसला करेंगे।
यूपी राज्य के सॉलिसिटर जनरल ने निष्पक्ष रूप से सहमति जताई है कि SIT में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। हमें बताया गया है कि SIT ने काम संभाल लिया है और जांच चल रही है। हम SIT को निर्देश देते हैं कि वह चल रही जांच के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट सौंपे।
आदेश: इस मामले को आगे के विचार के लिए सूचीबद्ध करें।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बोले- हमने SIT बनाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सुनवाई शुरू हुई।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता: हमने IGP किरण एस. की अध्यक्षता में एक SIT बनाई है। इसमें एक DIG, एक SSP और एक ASP शामिल हैं।
CJI: SIT को हर चीज़ तक पहुंच मिलेगी।
मेहता: हां।
CJI: हम इस मामले को बंद नहीं कर रहे हैं। सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं, जिन्हें आप नोट कर सकते हैं। इसमें सीनियर अधिकारी और एक फोरेंसिक ऑडिटर भी शामिल होंगे।
वकील: एक स्वतंत्र अकाउंटेंट भी होना चाहिए।
मेहता: हम उन्हें भी शामिल करेंगे।

