बल्लभगढ़, फरीदाबाद : फरीदाबाद में थाने से लौटने के कुछ घंटे बाद बिजली निगम में तैनात सीनियर टेक्नीशियन ने घर में आकर फंदा लगा जान दे दी। पुरानी डायरी में एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा-SHO देवेंद्र ने मुझे बहुत ह्रास किया। बिजली कर्मी की दो महीने बाद रिटायरमेंट थी।
परिजनों का आरोप है कि साल 2017 के एक पुराने मामले में पुलिस ने उन्हें कई घंटे थाने में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। न पानी पीने दिया और न टॉयलेट जाने दिया। गिरफ्तारी की धमकी दी। अपमानित महसूस कर घर आकर जानलेवा कदम उठाया।
घटना के बाद निजी अस्पताल से शव को लेकर पहुंचे परिजनों और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस होती रही। परिजन शव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाकर रखने की बात पर अड़ गए।
परिजनों ने SHO पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके बाद एसीपी ने खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में ले जाया गया।


निजी अस्पताल में पुलिस और परिजनों के बीच नोंकझोंक भी हुई।

परिजनों को समझाते पुलिस अधिकारी।
पावर ग्रिड में काम करते थे
मृतक की पहचान भनकपुर गांव निवासी सतीश कुमार (60) के रूप में हुई है। वह फरीदाबाद में ही पावर ग्रिड कंपनी में काम कर रहे थे। 1988 में भर्ती हुए थे और दो महीने बाद 30 सितंबर 2026 को रिटायरमेंट होनी थी।
2017 के बिजली हादसे का केस देख रहे थे सतीश
परिजनों ने बताया कि साल 2017 का एक पुराना मामला था। तब बिजली के हाईटेंशन लाइन के नीचे बैठे मजदूर की मौत हो गई थी। नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (NTPC) और पावर ग्रिड की लाइन वहां से जा रही थी। इस कारण दो कंपनियों के बीच मामला फंस गया था। मामले में पावर ग्रिड कंपनी पर लापरवाही का केस दर्ज हुआ था। कंपनी की ओर से कोर्ट व थाने से जुड़े कानूनी काम सतीश कुमार ही देख रहे थे।
परिजनों का आरोप- कई घंटे थाने में बैठाकर रखा
परिजनों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से सतीश कुमार को इसी पुराने मामले में लगातार नोटिस भेजकर खेड़ी पुल थाने बुलाया जा रहा था। शनिवार को भी उन्हें सुबह करीब 10 बजे बुलाया गया और शाम करीब 6 बजे तक थाने में बैठाए रखा गया। बेटे विवेक का आरोप है कि इस दौरान उनके पिता के साथ मानसिक रूप से प्रताड़ना की गई, पानी तक नहीं पीने दिया गया, बाथरूम जाने से रोका गया और लगातार पूछताछ के दौरान सोमवार को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई।
बेटे ने SHO को ठहराया जिम्मेदार
विवेक का कहना है कि शनिवार रात घर लौटने पर उनके पिता बेहद तनाव में थे। उन्होंने परिवार को बताया कि पुलिस ने उन्हें काफी परेशान किया और गिरफ्तारी की बात कही। बेटे का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव के कारण रविवार सुबह उन्होंने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विवेक ने खेड़ी पुल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह को सीधे तौर पर अपने पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराया। उसका यह भी दावा है कि जिस मामले में दूसरा पक्ष मुआवजे के लिए तैयार था, उसमें भी उनके पिता को बार-बार थाने बुलाया जा रहा था।
SHO पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा
घटना के बाद परिजन सतीश कुमार को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को बादशाह खान सिविल अस्पताल लाया गया। यहां परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार करते हुए खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
पुलिस के आश्वासन के बाद पोस्टमॉर्टम को हुए तैयार
सिविल अस्पताल में पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक नोंकझोंक हुई। परिजन शव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाने की बात कहने लगे। बाद में पुलिस अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन मान गए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भेजा गया।

अस्पताल के बाहर खड़े होकर विरोध कर रहे लोग।
ACP बोले- शिकायत पर होगी निष्पक्ष जांच
एसीपी मुजेसर पंकज कुमार ने बताया कि सतीश कुमार के परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

